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मैंने अपनी बुआ की लड़की को अपने घर में रगड़ कर चोदा

हेल्लो दोस्तों मेरा नाम अनिल है और मैं बरेली का रहने वाला हूँ। आज मैं आप सभी को अपनी बेहरीन चुदाई की कहानी सुनाने जा रहा हूँ। मैं देसी पोर्न स्टोरी डॉट कॉम का नियमित पाठक रहा हूँ। और मुझे रिश्तों में चुदाई की कहानी पढ़ना बहुत पसंद है। दोस्तों मेरी उम्र 19 साल है और मैं देखने में बहुत ही स्मार्ट और काफी गोरा हूँ जिसकी वजह से लड़कियां मुझ पर मरती है। मैंने अपनी जिंदगी की पहली चुदाई अपने घर के काम वाली की लड़की को चोद कर किया था। जब मैंने अपनी पहली चुदाई की तो मुझे इतनी ख़ुशी हो रही थी कि मैं आप को क्या बताऊँ। मेरी पहली चुदाई बहुत ज्यादा देर तक नही हुई थी क्योंकि मुझे थोड़ा डर लग रहा था। लेकिन पहली चुदाई की बात ही अलग होती है। पहली चुदाई जब करो तो दिल को इतना सुकून मिलता है कि अब इसके बारे में क्या कहूँ।
मेरी पहली चुदाई के बाद फिर मैंने कई लड़कियों की चुदाई की और अलग लड़कियों की चूत को चोद कर मैं अपने लण्ड को जन्नत की सैर कर रहा था।
दोस्तों मैंने अपनी जिंदगी में कई लड़कियों को चोदा लेकिन जब मैंने अपनों बुआ की लड़की को चोदा तो मुझे अपनी पहली चुदाई से भी ज्यादा मज़ा आया।
कुछ दिन पहले की बात है, मैं मम्मी को बुआ के घर पर ले गया था उनके घर पर कुछ प्रोग्राम था तब मैंने अपनी बुआ की लड़की को नये कपड़ो में मेकअप के साथ में देखा तो मेरे मन में उसके लिए बुरे ख्याल आने लगे थे। क्योकि वो उस दिन बहुत ही हॉट लग रही थी। मेरी बुआ की लड़की का नाम संजना था और वो भी बहुत सुंदर थी। मैंने उसके साथ में बचपन में बहुत खेल हूँ लेकिन तब मुझे ये सब पता भी था और अब जब बड़ा हो गया तो पहले के जितना पास नही जा सकता क्योंकि मैं नही चाहता ताकि कोई हमारे बारे में गलत तरह से बात करे और वो रिश्ते में बहन बुआ लगती रही इसलिए मैं कुछ भी नही कर सकता था।

उसके बाद फिर कुछ दिन बीता।, एक दिन बुआ और संजना घर आये हुए थे और मैं घर पर ही था। जब मैंने फिर उस दिन उसको देखा तो मेरे अंदर का शैतान जाग गया और मेरे मन में उसकी चुदाई के बारे मव सोच कर मैंने उस दिन मुठ मार दिया। उस दिन बुआ तो चली गई लेकिन संजना नही गई वो कुछ दिन रुकने वाली थी जिसके बारे में सोच कर मैं काफी खुश था। मैंने सोच लिया था मैं संजना की चुदाई कर के रहूँगा इसलिए मैं उससे बात जरने लगा और धीरे धीरे उसके पास जाने लगा था।
एक दिन शाम को मैं अपने घर के छत पर बैठा था और वो वहां आई तो मैंने उससे कहा – अच्छा मैं एक बात पूछू तो तुम बुरा तो नही मानोगी। तो उसने कहा – हाँ पूछो क्या बात है
तो मैंने उससे थोड़ा शरमाते हुए कहा – तुम्हारा की बॉयफ्रेंड है क्या ??? तो उसने मुझसे कहा – नही यार तुम्हे तो पता है पापा कितने गुस्से वाले है अगर उनको कुछ पता चल जाये तो मुझे घर से भगा दे इसलिए उनकी डर से मैंने किसी को अपनी जिंदगी में आने नही दिया। उसकी बात सुनकर मैने सोचा हो सकता ही की मुझे उसकी चूत मिल जाये। कुछ देर बाद उसने मुझसे कहा – मैं भी कुछ पूछू बुरा तो नही लगेगा। तो मैंने कहा – नही चाहे जो पूछो मैं बुरा नही मानता हूँ।
उन मुझसे कहा -और तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है क्या???
तो मैंने उससे झूठ बोल दिया। मैंने कहा – यार पहले थी लेकिन कुछ दिन पहले मेरा उससे ब्रेकअप हो गया और उसने मुझे छोड दिया।
मैंने उससे कहा – किसी तरह से वो मिली थी वो भी चली गई।
बहुत देर तक मैं उससे बातें करता रहा और फिर हम लोग नीचे चले आये। मैं संजना के बारे सोच कर रोज मुठ मार देता था। एक दिन मैं कमरे में बैठा था और वो आकार मेरे बगल में बैठ जिससे मेरा लंड तो खड़ा हो गया ता और मं अपने आप को किसी रहा से रोके हुए था। कुछ देर बात करते हुए उसमें अपने पैर को मेरे पैर पर रख दिया और अपने पैर को मेरे पैर पर सहलाते हुए उसने मुझसे कहा – मैं तुमसे कुछ कहना चाहती हूँ। तो मैंने उससे कहा – कहो क्या बात है।
तो उन मुझसे कहा – मैं तुमको बहुत पसंद करती हूँ और तुम मुझे बहुत अच्छे लगते हो। मैं तुमको अपनी पहली किस करनी चाहती हूँ। उसकी बात सुन कर मेरे मन में लड्डू फूटने लगा। लेकिन मैंने उससे कहा – यार मैं भी तुमको पसंद करता हूँ लेकिन तुम मेरी बहन लगती हो इसलिए मैं भी तक चुप था। तो उन मुझसे कहा – आज कल इतना चलता है मैं तुम्हारी सगी बहन थोड़ी ना हूँ। desipornstory.com

उसकी बातों से लग रहा था आज वो मुझे किस करना चाहती थी। तो मैंने उससे कहा – ठीक है लेकिन ये बात किसी और को पता नही चलनी चाहिए। उसने भी मुझसे कहा ठीक है किसी को पता नही चलेगा अब मैं तुमको अपना पहला किस कर सकती हूँ क्या
जैसे ही उसने मुझसे ये कहा मैंने तुरंत ही उसके हाथ को पकड़ लिया और उसके हाथों को सहलाते हुए मैंने उसके गाल पर पप्पी लेते हुए मैंने उसके होठ को चूमने लगा और साथ में मैंने अपने हाथ को उसके मम्मो पर रख कर उसकी चूची को भी सहलाने हुए मैंने उसके होंठ को चूमने शुरू किया। मैंने संजना को किस करते हुए उसको मम्मो को दबाने लगा जिससे वो भी मुझसे चिपकती हुई मेरे होठ को चूमने लगी और अपने हाथ से मेरे पीठ को सहलाने लगी। कुछ देर बाद मैंने अपने हाथ को उसके टॉप के अंदर दाल कर उसकी निप्पल को दबाने लगा जिससे वो तो और भी बेकाबू हो कर मेरे होठ को काटने लगी।
बहुत देर तक किस करने के बाद मैंने उससे कहा यार मेरा मन किस के बाद भी कुछ और करने को कर रहा है। मैं तुम्हारे साथ सोना भी चाहता हूँ लेकिन अगर तुम कहो तो। उसका भी मन मुझसे चुदने को था लेकिन वो बोल नही पा रही थी। कुछ देर बाद उसने मुझसे कहा – ठीक है लेकिन कहाँ पर।
तो मैंने उससे कहा – आज रात को सबके सोने के बाद तुम चुपके से मेरे कमरे में आ जाना और फिर जब काम जो जायेगा तो तुम चली जाना। वो मुझसे चुदने के लिए मान गई। मैंने उसकी चुदाई के बारे में सोच कर बहुत खुश था और रात होने के इंतज़ार में था।

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रात हुई और मैंने अपने कमरे के दरवाज़े को खोल कर संजना का इंतज़ार कर रहा था। सबके सोने के बाद संजना चुपके मेरे कमरे में आई और दरवाज़ा जल्दी से बंद कर दिया और मेरे बगल में आकर बैठ गई और कुछ देर तक मुझसे बातें की और फिर उसने मेरे हाथ को पकड़ लिया और मेरे उंगलियो को सहलाते हुए मेरे होठ की तरफ बढ़ने लगी। उसने मेरे होठ को चूमते हुए अपने मुह में ले लिया और मेरे होठ को पीना शुरू कर दिया। कुछ देर बाद जब मैंने उसको कस के अपने बाहों में भर कर उसके होठ को पीना शुरू किया तो संजना तो बिलकुल ही मदहोश होने लगी और मुझसे चिपकती हुई सिसकने लगी थी। कुछ देर किस करने के बाद जब मैंने उसके मम्मो को सहलाते हुए पीने हाथ को उसके गांड पर रखकर उसकी चूची और गांड को दबाते हुए उसके होठ को पीने लगा तो हम दोनों का जोश और भी बढ़ने लगा और हम दोनों बहुत देर तक एक दूसरे के होठ को लगातार पीता रहा।
बहुत देर तक उसके होठ को पींने के बाद अपने हाथ को उसके चेहरे से सहलाते हुए उसकी चूची तक लाई और फिर मैंने उसके निप्पल को पकड़ कर मैंने उसकी चूची मसलते हुए कुछ देर बाद मैंने उसके टॉप को निकाल दिया और उसकी गोरी गोरी चूचियाँ जोकी उसके काले रंग के ब्रा में फंसे हुए थे। मैंने उसके मम्मो को ब्रा के ऊपर से ही पकड़ कर अपने हाथों से सहलाते हुए उसके ब्रा को भी निकाल दिया और फिर उसकी गोर, रसीले और बहुत ही चिकने मम्मो को अपने हाथ में लेते हुए उसकी चूची को दबाने लगा और उसके हलके भूरे निप्पल को मैंने अपने हाथो से पकड़ कर मसलने से संजना और भी कामातुर हो गई और वो सिसकने लगी थी।

बहुत देर तक उसके मम्मो को दबाने के बाद मैं उसकी चूची को अपने हाथो से पकड़ कर अपने मुह में ले लिया और उसके चूची को पीने लगा। उसकी नर्म मम्मो को पीने में बहुत मज़ा आ रहा था। कुछ देर बाद जब मैं जानकर अपने दांत को उसकी चूची में चुभाने लगा तो संजना तो जोर जोर से सिसकते हुए मदहोश होने लगती थी। बहुत देर तक ये खेल चलता रहा और फिर जब मैंने उसके मम्मो को पीना बन्द किया उसके बाद मैं उसके कमर और उसकी नाभी को पीते हुए मैंने उसके लोवर को भी निकाल और फिर उसकी चूत को पैंटी को ऊपर से सहलाते हुए उसकी चूत की साइज़ को नापने लगा और उसकी चूत को अपने हाथ से दबाते हुए कुछ देर में मैंने उसकी पैंटी भी निकाल दी और फिर उसके चूत को सहलाते हुए अपने एक ऊंगली को उसकी चूत ने डाल दिया और अपनी उंगली को जल्दी जल्दी उसकी चूत में डालने लगा और कुछ देर बाद मैंने अपने दो उंगलियो को क्रोस में करके उसकी चूत में तेजी से डालने लगा और एक हाथ से उसकी चूचि को भी मसल रहा था। कुछ देर बाद उसकी चूत गीली हो गया और उसकी चूत के पानी से मेरे कमरे में भी पानी गिर गया।

कुछ देर बाद मैंने भी अपना कपडा निकाल दिया अपने मोटे से लंड के साथ में मैं संजना के सामने उसकी चुदाई करने केलिए खड़ा था। मैंने संजना को लेटा दिया और उसकी चूत को चूमते हुए मैंने आने लंड को उसकी चूत में लगाते हुए अपने लण्ड को एक जोर का झटका देते हुए अपने लण्ड को उसकी चूत में डाल दिया और फिर कुछ देर बाद अपने लण्ड को बाहर निकाला। जब मेरा लंड उसकी चूत में गया तो उसकी चूत तो जोश और दर्द से सिकुड़ गई और उसके मुह से चीख निकल पड़ी। मैंने फिर से अपने लंड को उसकी चूत के अंदर डाल कर उसकी चुदाई शुरू कर दिया। कुछ देर तक तो मैं बाहत प्यार से उसकी चुदाई कर रहा था लेकिन जैसे जैसे मेरे अंदर का शैतान जाग रहा था मैं अपने चोदने को रफ़्तार बढ़ाने लगा और उसकी मम्मो को मसलते हुए उसकी चुदाई कर रहा था। पहले तो संजना को मेरी चुदाई से मज़ा आ रहा था लेक़िन जैसे जैसे मैं उसकी चुदाई तेजी से कर रह था वो वैसे वैसे अपने कमर को उठाते हुए मुझसे चुदवाने लगी थी और साथ में वो अपने मम्मो और ऊनी फुद्दी को भी जोर जोर से मसल रही थी। कुछ देर बाद मैं जानवर की तरह से उसकी चुदाई करने लगा और वो अपने पेट को ऐंठते हुए अपनी फुद्दी को मसलते हुए जोर जोर से …..अहह आह आ हहहह…. उफ्फ्फ उफ़ उफ़ ..मम्मी मम्मी ….. उन्ह उन्ह उनहूँ ….अहं उ उ उ ऊ ….. आराम से आह अहह……. करके चीखने लगी थी। मैं उसकी चुदाई कर ही रहा था कि मुझे लगा मैं झड़ने वाला हूँ मैंने अपने लण्ड को उसकी चूत से निकाल कर मुठ मारने लगा। desipornstory.com
मुठ मारने के बाद भी मैंने बहुत देर तक उसकी चूत के खेलता रहा और उसके बाद मैंने कई बार उसकी चुदाई की।

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