Home / Desi / गे सेक्स कहानी – पहली बार दोस्त का लन्ड गांड में लिया और अपना लंड उसकी गांड में डाला

गे सेक्स कहानी – पहली बार दोस्त का लन्ड गांड में लिया और अपना लंड उसकी गांड में डाला

हेलो दोस्तों, मैं रमन एक बार फिर से आप के लोड़े खड़े करने वाली कहानी लेकर आया हूं, मुझे उम्मीद है आप यह कहानी पढ़ कर एक बार मुठ जरूर मारेंगे, तो चलते हैं आज की कहानी पर.. पहले मैं आपको अपने बारे में बता दूं. मेरा नाम रमन है. मैं हरियाणा में रहता हूं. मेरे लंड का साइज करीब ८ इंच है, मेरी हाइट ५ फुट ४ इंच है पर मेरी एक कमजोरी है मुझे लड़कियों की चूत से ज्यादा लड़कों का लंड ही लेने में इंटरेस्ट है.

बात उन दिनों की है जब मैं बी.ए. कर रहा था. तभी मेरे पड़ोस में एक नई फैमिली आई थी. उस फैमिली में एक लड़का और उसके मां बाप थे. उस लड़की का नाम कमल था, मुझे मेरी मम्मी ने बताया कि कमल की मम्मी मेरी बुआ लगती है. कुछ ही दिनों में हम दोनों अच्छे दोस्त बन गए, हम दोनों एक क्लास में पढ़ रहे थे पर कमल स्टडी में बहुत अच्छा था. मैं दिन रात स्टडी कर के भी उसके बराबर नहीं पहुंच पाता था. हम दोनों को खेल भी कुछ खास पसंद नहीं था. पर फिर भी वह काफी खुश रहता था. उसे कभी स्टडी का टेंशन नहीं होता था वैसा वह कैसे कर लेता था मुझे जानना था. अभी तो मुझे सेक्स की जरा सी भी नॉलेज नहीं थी.

एक दिन मैं दोपहर में कमल के घर गया तो उस के घर में कोई नहीं था. वह अकेला बैठा टीवी देख रहा था. मैंने तो जेसे ही उसे आवाज दी तो उसने तुरंत टीवी  बंद कर दिया.

loading...

मैंने कहा : कमल क्या देख रहा था भाई??

कमल ने कहा : कुछ भी नहीं देख रहा था.

मुझे शक हो गया था इसलिए मैं कुछ देर बाद वापिस जाने लगा. जैसे ही बाहर निकला तो उसने फिर से टीवी ऑन कर दिया मैंने चुपके से उसके कमरे की विंडो में देखा.

में वो सिन देख कर हैरान हो गया. मैंने देखा कि कमल टीवी  में ब्लू फिल्म देख रहा था. मैंने ब्लू मूवीज के बारे में सुना जरूर था पर कभी देखी नहीं थी, आज मैंने वह भी देख ली थी. कुछ ही देर में कमल ने अपनी पेंट में से अपना करीब ७ इंच का लंड  बाहर निकाल लिया और टीवी में मूवी देखते हुए ऊपर नीचे करने लगा.

में ये सब देख रहा था कमल अपने मुंह से गरम गरम सिसकियां भरा रहा था और जोर जोर से अपने लंड को ऊपर नीचे कर रहा था. करीब ५ मिनट के बाद उसके लंड  से सफेद कलर की पानी की फुवार निकली और उसका एकदम छोटा सा हो गया.  साथ ही कमल भी शांत होकर सोफे पर लेट गया और टीवी बंद कर दिया.

मैं यह सब देख कर अपने घर चला गया और सोचने लगा कि कमल कर क्या रहा था मैंने सोचा कि मैं सब कुछ कल उसे पूछ लूंगा.

अगले दिन जब वह मेरे घर आया तो मैंने उससे पूछा कमल भाई कल तू अपने घर में अकेला क्या कर रहा था?

कमल ने कहा : नहीं मैं तो कुछ भी नहीं कर रहा था.

मैंने कहा : देख अब मुझसे झूठ मत बोल.

कमल ने कहा भाई मैं सच कह रहा हूं.

मैंने कहा अच्छा तो तू सच कह रहा है ना, तो मैं भी सच कह रहा हूं कि मैंने कल तेरी विंडो मेंसे सब कुछ देख लिया था..

कमल ने कहा : क्या?

मेरी यह बात सुन कर कमल के चेहरे का रंग उड़ गया और कुछ देर बाद वो हसने लग गया और बोला यार रमन तू भी कितना भोला है मेरे भाई.. वह तो मैं थोड़ी सी मस्ती कर रहा था.

उसकी बात मेरी समझ से बाहर थी. इतने में कमल बोला तू अपना ज्यादा दिमाग मत लगा, कल दोपहर को मेरे घर आ जाना, यह कह कर वह चला गया अपने घर

मैं भी अगले दिन का बेसब्री से इंतजार करने लगा.

अगले दिन में कमल के घर गया हर बार की तरह दोपहर भी वह घर पर अकेला ही था, हम दोनों सोफे पर बैठ गए. उसने फिर से कल वाली मूवी की सीडी लगा दी और हम दोनों ब्लू मूवी देखने लग गए, मुझे शर्म आ रही थी..

कुछ ही देर में मैंने देखा कि कमल का लंड पूरा खड़ा हो चुका था.

अबे साले मैं मर्द हूं तो मेरा लौड़ा तो खड़ा होगा ना, तू क्या देख रहा? अपना देख तेरा भी यही हाल हो रहा होगा, कमल बोला.

कमल की यह बात सुनकर मुझे शर्म आने लगी. उसने देखा कि मैं शरमा रहा हूं इसलिए वो मेरे पास आ गया और मेरे पेंट के उपर से लंड पर हाथ रख दिया.

मेने देखा तो उसकी आंखें सामने टीवी  में चल रही मूवी पर थी.

पर उसके हाथ मेरे लंड पर चल रहे थे, उसके सहलाने से मेरी जिस्म में आग सी लगी हुई थी. मेरा पूरा शरीर कांपने लगा था. अब मैंने जानकर कमल का हाथ अपने लंड से हटा दिया.

पर कमल कहां मानने वाला था? उसने फिर से अपना हाथ मेरे लंड पर रख दिया.

चल साले अब ईसे मसल भी दे, मेरे मुंह से मस्ती में निकल गया.

मेरी बात सुनकर कमल मेरा लंड बाहर से ही खूब अच्छे से मसलने लगा.

रमन तेरा लंड तो पूरा खड़ा हो चुका यार, इधर मेरा भी यही हाल है, कमल ने मेरी तरफ देखते हुए कहा.

फिर हमने एक दूसरे के लंड बाहर निकाल कर एक दूसरे की मुठ मारी.

अभी यह काम हम दोनों रोज़ ही करते थे, में कमल के घर आता हम दोनों ने ब्लू फिल्म देखनी और एक दूसरे की मुठ मारनी.

एक दिन हम दोनों मूवी देखने लग गए तो वह फिल्म गे मूवी थी.

यह देखकर तो कमल पागल सा हो गया और मुझसे बोला रमन वह देख साले कैसे कर रहे थे, चल अब तू भी लेट जा में तेरी गांड को मेरे लंड का रस पीलाता हूं..

यह सुनकर तो मेरे दिल में लड्डू फूटने लगे. मैंने सोचा है कि मेरे जैसा ही है कमल भी, वही कर रहा है जो मैं करना चाहता हूं..

तभी अचानक कमल बोला रमन मां के लोड़े तू पलट जा, अब मैं तेरी गांड मारूंगा आज साले.

ये सुन कर मेरे जिस्म में करंट दौड़ पड़ा, कमल मेरी गांड चोदने वाला था, पता नहीं मैं कब से यह सपना देख रहा था जो कि अब सच होने जा रहा था.

मैं उसके कहने पर उसी टाइम उल्टा हो गया और अपनी गांड खोलकर कमल के सामने कर दी और साथ में अपनी टांगें भी खोल दी.

अब कमल ने मेरी गांड पर तेल लगाया और अपने लंड पर भी लगा लिया और अपना बड़ा सा लंड  मेरी गांड के छेद पर रख दिया. मैंने अपनी सांस रोक ली और गांड चोदने का इंतजार करने लगा. अगले ही पल कमल ने पीछे से थोड़ा सा जोर लगाया मेंने अपनी गांड का छेद ढीला कर दिया, लंड एक दम पूरा मेरी गांड में उतर गया.

कमल का लंड मेरी गांड में उतरा, तो मेरे दिल को काफी खुशी मिली. मेरे लंड लेने की इच्छा पूरी हो गई. मेरी गांड अब लंड खा रही थी, इस खुशी में मुझे दर्द का पता तक नहीं चला. फीर कमल मेरे ऊपर लेट गया और मुझे चूमने लगा. उसका लंड  मेरी चूतड़ों को चीरता हुआ मेरी गांड फाड़ रहा था. कमल का लंड मेरी गांड की गहराइयों में जा रहा था मुझे बहुत मजा आने लगा, और मेरी गांड अब अंदर से भी गर्म होने लगी.

कमल जोर जोर से मेरी गांड को चोद रहा था, कुछ ही देर बाद उसका सारा पानी मेरी गांड में निकल गया और वो मेरे ऊपर लेट कर गर्म गर्म सांस लेने लगा. कुछ देर में कमल नॉर्मल हो गया.

चल साले अब मेरी बारी. अब मैं तेरी गांड मारूंगा. चल अब जल्दी से घोड़ी बन जा और में एक ही बार में तेरी गांड में अपना लंड पूरा डाल दूंगा बहनचोद, मैं कमल को कहा.

मेरी बात सुनकर कमल घोड़ी बन गया और मेरे सामने अपनी चुतड खोल लिए. उसकी गोरी और चिकनी गांड देखकर मेरा लंड और जोश में आ गया, मैं बिना तेल लगाए उसकी गांड के छेद पर अपना लंड सेट किया और एक जोर का धक्का मारा, और मेरा लंड उसकी गांड फाड़ता हूआ अंदर चला गया..

वो दर्द से चीख उठा.

मुझे भी पता चल गया था कि आज उसकी गांड पूरी फट चुकी थी.

साले मां के लोड़े आराम से कर, कमल दर्द से तड़पते हुए बोला.

कमल का लंड भी खड़ा हो चुका था, मैंने नीचे से उसका लंड अपने हाथों में पकड़ लिया और उसकी मुठ मारने लगा, कभी मैं उसकी गांड मारता तो कभी उसकी मुट्ठ मारता.

कमल का लंड और पूरी तरह खड़ा हो चुका था. मेरे हाथ में उसका लंड था और उसकी गांड में मेरा लंड था. मैं उस को लगातार चोद रहा था, मुझे ऐसा मजा कभी नहीं आया था.

loading...

अब मैंने अपनी स्पीड तेज कर दी और कुछ कमल की गांड के १२ बजा दीए. मैं उसकी गांड पूरी तरह से चोद रहा था, कुछ ही देर में मुझे पता चल गया कि मैं झड़ने वाला हूं. तो मैं रुक गया और कमल का लंड पकडकर उसकी मुठ मारने लगा.

कुछ ही देर में उसके लंड ने जवाब दे दिया और अपना सारा पानी नीचे गिरा दिया. अब मेरी बारी थी मैंने पांच सात झटके मारे और मेरे लंड  ने भी जवाब दे दिया.

मैंने अपना लंड उसकी गांड से बाहर निकाला तो मेरे पानी की पिचकारी इधर उधर गिरने लगी.

मैं बूरी तरह से हांफ रहा था, मेरी सांस बहुत तेज चल रही थी. और मेरे लंड से पानी निकलता ही जा रहा था.

अब हमें जब मौका मिलता है तो हम एक दूसरे की गांड मार लेते हैं..

Sex Story, hindi sex kahani, desi Sex kahani, hindi sex story, hindi sex stories, hindi xxx story, sex kahani, sexy story, indian sex stories, indian sex story, Sex story, hindi sex, desi sex stories, xxx stories, desi sex story, Hindi sex, stories, story, hindi, indian, Sex Story, hindi sex kahani, desi Sex kahani, hindi sex story, hindi sex stories, hindi xxx story, sex kahani, sexy story, indian sex stories, indian sex story, Sex story, hindi sex, desi sex stories, xxx stories, desi sex story, Hindi sex, stories, story, indian, new sex indian story, Antarvasna Sex Stories