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चुदाई के लिए बेताब काली लड़की को रगड़ कर चोदा

new sexy stories हेल्लो दोस्तों, मेरा नाम करन है और मैं चंडीगड़ का रहने वाला हूँ, मेरी उम्र 19 साल है और मैं देखने में बहुत ज्यादा स्मार्ट तो नही हूँ लेकिन फिर भी ठीक हूँ। मैं देसी पोर्न स्टोरी डॉट कॉम का बहुत बड़ा प्रसंसक हूँ और आप सभी का देसी पोर्न स्टोरी में बहुत बहुत स्वागत करता हूँ। आज मैं आप सभी को अपनी जिन्दगी की उस चुदाई के बारे में बताने जा रहा हूँ जिसमे मैंने पहली बार किसी की चूत की सील को तोडा और उसकी जम कर चुदाई की। मैने पहले कभी भी उस तरह की चुदाई नही की थी। उसकी चूत और चूची बहुत ही मस्त थी मुझे उसकी चुदाई करने में बहुत मज़ा आया था।

जब मैंने अपने जिन्दगी की पहली चुदाई की थी तो मैं बहुत जल्दी ही चुदाई ख़त्म कर दिया था लेकिन पहली चुदाई होने के कारण मुझे मज़ा तो बहुत आया था। और फिर उसके बाद मैंने कई लडकियों को कई बार चोदा। लेकिन फिर भी मुझे ऐसी लड़की नही मिली थी जिसकी चूत को मैं पहली बार चोदु और उसकी सील तोडूं। मेरे सारे दोस्त मुझसे हमेसा कहते थे यार मेरी भी कहीं सेटिंग करवा दो लेकिन मैं तो केवल अपनी ही सेटिंग में लगा रहता था। लोग कहते है मैं उससे प्यार करता हूँ और दिल से प्यार करता हूँ, लेकिन मेरे हिसाब से प्यार जैसा कुछ नही होता है सभी लोग प्यार के नाम पर अपनी हवस को पूरी करते है।
दोस्तों मैं किसी भी लड़की में केवल उसकी खूबसूरती ही देखता हूँ और कुछ नही। अगर लड़की देखने में अच्छी होती है तभी उसको चोदने में मज़ा आता है और किस करने में भी। लेकिन खुबसूरत लड़किओं को पटाने में थोडा मेहनत करना पड़ता है।
कुछ महीने पहले की बात है, जब मेरा कॉलेज शुरू हुआ था। मेरा मेरी गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप हो गया था इसलिए मैं नए शिकार के तलाश में था। लेकिन कुलेगे में मुझे कोई भी लड़की भाव नही दे रही थी। कुछ दिन कॉलेज जाने के बाद मैंने नोटिस किया एक लड़की है जो मुझे हमेसा देखा करती है। लेकिन वो देखने में काली थी लेकिन उसके चहरे की कटिंग अच्छी थी। पहले तो मैंने सोचा इसी को पटाकर छोड़ लूँ लेकिन फिर मैंने सोचा मेरे दोस्त क्या कहेंगे कैसी लड़की पटा लिया। इसलिए मैंने उसको देखना बंद कर दिया और किसी अच्छी लड़की को पटाने में लगा गया। मैंने एक लड़की को प्रपोस भी किया लेकिन उसने सीधे सीधे रिजेक्ट कर दिया। कई महीने से मैंने चूत के दर्शन भी नही किये थे और मैं केवल चुदाई की फिल्मे देख देख कर मुठ मार कर काम चला रहा था। धीरे धीरे तीन महीने बीत गए लेकिन मुझे कोई लड़की नही मिली, लेकिन कलि लड़की मुझे बहुत देख रही थी, उसको देखने से ऐसा लग रहा था जैसे ये मुझसे चुदना चाहती है लेकिन मैं उसको चोदने के लिए तैयार नही था। मेरा मन कर रहा था कि उसी की चड़ाई कर लू लेकिन मैं केवल इसी लिए अपने आप को रोक रहा था क्योकि वो काली थी। आप ये कहानी देसी पोर्न स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

कुछ दिन बाद जब मुझे लगा अब मुझे कोई लड़की नही मिलने वाली है तो एक दिन मैंने सोचा चलो इसी को ही पटा कर चोद लूँ। मैंने एक दिन कॉलेज में जब वो पानी पीने के लिए जा रही थी तो मैं भी उसके पीछे ही चला गया और फिर जब वो पानी पी रही थी तो मैंने उससे कहा – “मैं तुमको बहुत दिनों से देख रहा हूँ तुम मुझे ही देख रही थी कोई बात हो बात कर लो मुझे शर्मना नही चाहिए”। पहले तो वो कुछ नही बोली क्योकि वो थोडा नर्वस हो गई थी। तो मैंने उससे कहा कहीं तुम मुझे पसंद तो नही करती हो इसीलिए देखती रहती हो। तब कुछ देर बाद उसने मुझसे कहा – “हां मैं तुम्हे पसंद करती हूँ लेकिन मैं काली हूँ और तुम स्मार्ट हो तुम मुझे पसंद क्यों करोगे। तो मौने उससे फ़िल्मी स्टाईल में कहा प्यार का कोई रंग नही होता है और प्यार में तो केवल दिल की बात दिल तक जाती है”।
मैंने उससे कहा – “हाँ पहले मैं तुम्हे इग्नोर कर रहा था लेकिन अब नही मैं भी तुम्हे पसंद करने लगा हूँ। मेरी सुन कर वो खुश हो गई और वहां से वो चली गई”
दुसरे दिन जब वो कॉलेज आई तो मैंने उसको किनारे बुलाया और फिर उसको टॉयलेट ,में लेकर चला गया और फिर मैंने उसके हाथ को पकड़ कर मैंने उसके मामको को दबाते हुए मैंने उसके होठ को चूमने लगा और कुछ ही देर बाद मैंने उसके होठ को अपने मुह में लेकर पीने लगा। और रेनू भी मेरे होठ को पीते हुए मुझसे चिपक रही थी। मैं उसकी चूची को दबाते हुए उसके होठ को पी रहा था। बहुत देर तक किस करने के बाद मैंने उसका फोन नम्बर लिया और फिर मैं वहां से चला आया

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उस दिन में बाद मैं उससे फोन से बात करने लगा और जब भी किस करना होता था मैंने उसको टॉयलेट में लेकर चला जाता था और उके हाथ को पीते हुए उसकी चूची को खूब मसलता था।
एक दिन मैं उससे फोन पर बात कर रहा था और मैं उससे बहुत गन्दी गन्दी बातें कर रहा था,, मेरा लंड तो खड़ा ही था वो भी जोश में आ गई थी उसने मुझसे कहा – “मेरा मन तुमसे चुदने को कर रहा है और आज मैं इतने जोश में हूँ की मेरी चूत तो गीली हो गई है पूरी तरह से। कब चोदोगे मुझे तुम”।
तो मैंने उससे कहा – “ठीक है कल हम कॉलेज बंक कर देते है और फिर तुम चुपके से मेरे रूम पर आ जाना और फिर हम मिलकर चुदाई करेंगे”। रेनू ने कहा ठीक है मैं कल तुम्हारे रूम पर आ जाउंगी कॉलेज के समय पर।
दुसरे दिन मेरे साथ वाले रूम के सरे लड़के चले गए और मैं अकेला ही रूम में बचा था मैंने रेनू के पास फोन किया और कहा अब आ जाओ मेरे रूम पर। कुछ देर बाद रेनू मेरे रूम पर आ गई। मैंने उसको अंदर बुला कर जल्दी से दरवाज़ा बंद कर लिया और फिर मैंने उससे कहा – चुदाई शुरू करे क्या।। तो उसने कहा कुछ देर रुको तो अभी आई हूँ।
कुछ देर बाद मैंने अपने कपडे निकाल दिए और फिर मैंने धीरे धीरे रेनू के भी कपडे निकालने लगा। तो रेनू ने मुझसे कहा – मैं जितना चुदने के लिए बेताब हूँ मुझे उतना ही डर लग रहा है मैंने अभी तक कुछ किया नही है। तो मैंने उससे कहा – तुम डर क्यों रहो हो कुछ नही होगा मैं हूँ ना।
कुछ देर उससे बातें करने के बाद मैंने उसको किस करना शुरू किया। मैं किस नहीं करना चाहता था लेकिन जब तक जोश नही होता है चोदने में मज़ा। इसलिए मैं उसके होठ को पीने लगा और उसके शरीर को सहलाते हुए अपने हाथ में उसकी चुचियों को ले लिया और उसकी चूची को मीन्जते हुए उसके होठ को लगातार पी रहा था और रेनू भी मेरे होठ को लगातार पी रही थी और वो जोश में मुझसे चिपक रही थी। कुछ देर बाद जब मेरे अंदर का सैतान जग गया तो मैं उसकी चूची को और भी तेजी से दबाते हुए उसके निचले होठ को पीते हुए अपने दांतों से खीचते हुए काटने लगा था जिससे रेनू मुझे किस करते हुए सिसकने लगी थी।

बहुत देर तक उस्द्के होठ पीने के बाद मैं उसकी चुचियों की तरफ बढ़ने लगा और मैंने और मैने रेनू के बूब्स को अपने दोनों दत में ले लिया और उसकी मुलायम और थोड़ी काली चूची को दोनों हाथो से मसलने लगा। और फिर कुछ देर बाद मैने उसकी चूची को अपने मुह में ले लिया और पीने लगा। मेरे चूची पीने से रेनू को बहुत मज़ा आया रहा था लेकिन कुछ देर बाद जब मैं और तेजी से उसकी चूची को दबाने लगा और जोर जोर से अपने मुह में लेकर उसकी चूची को खीचने लगा लगा तो रेनू अपने शरीर को सहलते हुए धीरे धीरे से तडपती हुई ..आःह्ह अह ..अई……अ…….अई……अई…..इसस्स्स्स्स्स्स्स्……उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह…..चुसो…… और कसकर चुसो मेरी चूची को और ज्यादा आह्ह्ह आह मज़ा आ रहा है। कह कर सिसकने लगी।
उसके मम्मो को पीने के बाद मैं बहुत ही ज्यादा चुदा और रेनू बहुत ही ज्यादा चुदासी हो गई थी लेकिन वो पहले मेरे लंड को चुसना चाहती थी चुदने से पहले। लेकिन मैं चोदने के लिए बहुत बेताब हो रहा था। लेकिन उसके कहने पर मैंने अपने लंड को रेनू के हाथ में दे दिया और वो मेरे लंड को सहलाते हुए आगे और पीछे करते हुए मेरे 5 इंच मोटे लंड को अपने मुह में ले लिया और मेरे लंड ओ चूसने लगी। वो मेरे लंड को चूसते हुए मेरी दोनों गोली को सहला रहा था जिससे मुझे बहुत अच्छा लगा रहा था और मैं जोश में उसकी चूची को मसले जा रहा था।
मेरे लंड को चूसने बाद मैंने उसको बिस्तर पर लिटा दिया और उसकी चूत को सहलाते हुए पहले अपनी उंगली को उसकी चूत में डाला। लेकीन उसकी चूत काफी टाईट थी और मेरी उंगली ठीक से उसकी चूत के अंदर नही जा रही थी। मैंने उसकी टांगें फैलाई और चूत पर लंड रखा, और एक जोरदार झटका दिया लेकिन मेरा लंड फिसल गया। और मेरी चूत से बाहर चला गया। मैंने फिर से अपने लंड को उसकी चूत में डाला लेकिन फिर मेरा लंड उसकी चूत से बाहर आ गया। ये 3 बार ऐसा हुआ… चौथी बार लंड को उसने सेट किया, एक बार और जोर का झटका मारा और लंड थोड़ा सा अन्दर दिया दोनों की चीखें एक साथ निकली …आआअहह… उसने पूछा तूम क्यों चिल्लाये?? तो मैंने कहा तुम्हारी चूत बहुत टाईट थी इसलिए दर्द होने लगा था।

मेरे लंड से उसके चूत की सील टूट गई और उसके चूत से खून की कुछ बुँदे निकलने लगी। मैंने उसकी चूत से खून को पोछा और फिर से अपने लंड को सेट किया, फिर एक धक्का… दर्द कम हुआ और फिर धीरे-2 उसकी चूत ढीली होने लगी थी। आप ये देसी पोर्न स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहें है। मुझे मजा आ रहा था, मेरा लंड जरा सा अन्दर था, मुझको कन्ट्रोल नहीं हुआ मैंने एक और झटका मारा, और रेनू फिर से चिल्लाई और उसके आँखों से आँसू निकलने लगे, उसकी चूत में दर्द होने लगा था मेरे मोटे लंड से। मैं कुछ देर में उसकी जम कर चुदाई करने लगा और मेरा लंड उसकी चूत के अंदर बार बार जाता और फिर बाहर आ जाता। जिससे उसकी चूत धीरे धीरे फ़ैल तो रहा था लेकिन उसकी चूत के फैलते समय वो अपने चूची और अपने चूत को मसलती हुई तेज तेज से….. आआआआअह्ह……ह्ह….आआअह…….मम्मी….मम्मी….. ऊँ….ऊँ…ऊ….. उ उ उ उ ऊऊऊ……….ऊँ…ऊँ…..ऊँ……. प्लीसससससस…….प्लीससससस…….. …. आऊ…..हमममम अहह्ह्ह्हह….. करके चीखने लगी थी।
मेरे चुदाई से वो तरह तरह के मुझ बना कर चीख रही थी। कुछ देर कगातर उसकी चुदाई करने के बाद जबब मैंने अपने लंड को उसकी चूत से बहार निकाला तो उसको आराम मिला और फिर ,मैंने अपने लंड को अपने हाथ में लेकर मुठ मार कर अपने वार्य को उसके चूची पर गिरा दिया।
उसकी चुदाई करने से मेरा मन नही भरा था इसलिए कुछ देर बाद मैंने फिर से उसकी चुदाई की। दोस्तों इस तरह से मैंने काली लड़की की चुदाई की।

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