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कमीने बॉस की बहन की चूत की खुजली चोदकर दूर किया

 Hindi Sex Ki Story बात उन दिनों की हे जब मैं 19 साल का था. और मेरी जॉब भी लग गई थी. मैंने ऑफिस जाना शरु किया था. मेरे एक स्टाफ ने मुझे बॉस के बारे में बताया और साथ में उसने ये भी कहा की बॉस का घर ऑफिस की बिल्डिंग से एक ब्लाक ही दूर हे. बॉस हम सब से ऑफिस के साथ साथ अपने घर का काम भी करवाता था. एक दिन बॉस ने अपने किसी काम से मुझे अपने घर भेजा. घर पर बॉस की सिस्टर ने दरवाजा खोला. वो करीब 35 साल की थी. उसकी शादी नहीं हुई थी और उसका बदन काफी सुडोल था.

उसने मेरे को अन्दर बुलाया और कहा की बैठ जाओ. उसके बूब्स काफी बड़े थे और टाईट भी थे. उसके चूतड का साइज़ भी काफी बड़ा था. मैं उसके सेक्सी बदन को देखता ही रहा. और बॉस की बहन ने भी देखा की मैं उसे बार बार देख रहा था. काम निपटा के उस दिन तो कुछ बात नहीं बढ़ी आगे. और मैं ऑफिस चला गया.

एक विक के बाद वापस बॉस ने मुझे घर पर काम के लिए भेजा. उसकी बहन ने ही दरवाजा खोला और मैंने उसे कहा की बॉस ने मुझे काम के लिए भेजा हे. और मैंने उसे कहा की बॉस को एक अर्जंट काम आ गया इसलिए वो नहीं आ सके और वो नाईट में भी लेट हो जायेंगे घर आने में. बॉस की वाइफ उस दिन अपने घर पर नहीं थी. वो अपने बच्चो को ले के अपने मइके गई हुई थी. घर में उस वक्त मैं और बॉस की ये सेक्सी बहन दोनों ही थे. जब मैं घर आया तो बॉस की बहन जस्ट बाथरूम से नाहा के आई थी और उसने अपने बदन के ऊपर टॉवल लपेटा हुआ था. आरती ने मुझे बिठाया और वो मेरे लिए पानी का ग्लास ले के आई. मैंने आरती को बोला की बॉस ने मुझे बोला हे की आप को कुछ काम हे, बताओ क्या काम था?

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वो बोली, आप बैठो मैं बताती हूँ.

ये कह कर आरती अपने रूम के अन्दर चली गई. मैंने सोचा की आरती अभी चेंज कर के बहार आएगी तो फिर कुछ काम होगा. 2 मिनिट के बाद अन्दर से आवाज आई जरा इधर आना. मैंने रूम के अन्दर गया तो मैंने देखा की आरती बेड के ऊपर सिर्फ ब्रा और पेंटी पहन के लेटी हुई थी. मैं घबरा गया. मैं वापस आने लगा तो आरती ने मुझसे कहा की सुनो इधर आओ और मुझसे जोरदार प्यार करो! मुझे ये सुनने में बड़ा अजीब लगा क्यूंकि ये मेरे लिए एक नया और पहला सेक्स अनुभव था. मैं आरती के पास जा के बिस्तर में लेट गाया. और मैंने अपने एक हाथ से उसके बूब्स को उसकी ब्रा के ऊपर से ही मसलना शरु कर दिया और एक हाथ से उसकी पेंटी के अंदर घुसा के उसकी चूत को हिलाने लगा. जैसे ही मेरे हाथ ने उसकी चूत को टच किया तो आरती ने लम्बी सांड लेनी शरु कर दी और आपने एक हाथ से वो मेरे लंड को मसलने लगी. मेरा 9 इंच का लंड तन के लोहे की रॉड के जैसा कडक और गर्म हो गया था.

आरती ने मेरा लंड हाथ से महसूस किया और वो एक पल के लिए खुद के हाथ पर जैसे यकीन नहीं कर सकी. उसने फट से मेरी ज़िप खोली और लंड को बहार निकाल के बोली, अरे बाप रे इतनी छोटी उम्र में इतना बड़ा लंड कैसे हे तुम्हारा?

मैंने कुछ जवाब नहीं दिया और सिर्फ स्माइल दे दी उसे. आरती ने अपने होंठो से मरे लंड को चुसना शरू कर दिया. और वो लंड को चूसते हुए  बोली, ये लंड सिर्फ मेरा हे और आज से तुम किसी और को नहीं चोदोंगे. मैंने उसके माथे को पकड के अपने लंड पर दबा दिया. आरती मजे से मेरे लंड को पुरे 10 मिनिट तक चुस्ती रही.

और फिर थोड़ी देर के बाद वो बोली, चलो अब तुम मेरी चूत चाटो.

मैंने बिस्तर के अन्दर ही आरती की पेंटी को निकाल फेंका. और अपने हाथ से उसकी चूत को फैला दिया. फिर अपनी जबान से मैं उसकी चूत को चाटने लगा. आरती एकदम सिसकियाँ उठी और बोली, अह्ह्ह अह्ह्ह्ह जोर जोर से चाटो मेरी निगोड़ी मुनिया को बड़ा परेशान कर दिया हे साली ने! मैंने करीब 5 मिनिट तक उसकी चूत को चाटा और फिर वो गीली हो गई. फिर उसने कहा की तुम मेरे ऊपर आ जाओ. मैंने अपने लंड के डंडे को उसकी चूत पर लगा दिया. वो बड़ी तड़प रही थी और वो बोली, जल्दी से इसे मेरी चूत के अन्दर डाल के इसकी प्यास बुझा दो मेरी जान.

फिर मैंने अपने लंड का अगला हिस्सा जैसे ही उसकी चूत में घुसाया तो उसने कहा की जरा धीरे से करो. इतनी उम्र होने के बावजूद भी बॉस की बहन की चूत एकदम टाईट थी जैसे की किसी 18 साल की लड़की का वर्जिन बुर हो! फिर मैंने धीरे से एक धक्का मारा तो मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया. और उसकी चूत से खून आना शरु हो गया. आरती की आंखो से आंसू निकलने लगे. मैं एकदम हैरान था की इतनी उम्र होने के बाद भी आरती एक वर्जिन लड़की के जैसी ही हे.

फिर मैंने आरती के शरीर को चूमने लगा. थोड़ी देर बाद आरती का दर्द करीब करीब खत्म हो गया. फिर मैंने 3 4 झटके जोर से मार दिए. और मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया लेकिन इन झटको से आरती को काफी दर्द हुआ.

उसके बाद मैंने फिर आरती के होंठो पर किस किया और आरती का दर्द अब एकदम कम हो गया. वो भी अपनी गांड को हिला के और अपने बूब्स मसल के चुदवाना चालू कर दिया. आरती ने अपने दोनों हाथ से मेरी गांड को पकड़ ली और मुझे अपनी तरफ खींचने लगी और चुदवाने लगी. वो जोर जोर से आह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह ओह ओह करने लगी और बोली, चोदो मुझे जोर जोर से मेरे राजा! मैंने आरती के कान के निचे एक किस किया और जोर जोर से उसकी चूत मारने लगा. आरती के बूब्स पकड के मैं उन्हें मसलते हुए उसकी चूत को बड़ी ही बेरहमी से पेलने लगा. आरती के मुहं से झाग निकल आया था. वो अपनी गांड को बड़ी जोर जोर से हिला के मरवा रही थी. मैं अपने पुरे लंड को उसकी चूत में घुसा के फिर एकदम से बहार निकाल लेता था. और फिर उसे वापस अन्दर डाल देता था. वो भी पूरी होर्नी हो चुकी थी मेरे 9 इंच के लंड की इस सेक्सी चुदाई से.

20 मिनिट की फाडू चुदाई के बाद मैंने उसकी चूत के अन्दर ही अपना वीर्य निकाल दिया. साथ में आरती भी झड़ गई. और हम दोनों के बदन शांत हो गए!

आरती ने मेरे लंड को हिलाते हुए कहा काम तो सिर्फ बहाना था. उस दिन तुम जब आये तभी से मेरा चुदवाने का मन हो गया था तुमसे!

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उस दिन मैंने आरती को 3 बार चोदा और उसकी चूत की आग को शांत किया. आरती अब मेरे लंड की गुलाम हो गई थी. जब भी उसे मौका मिलता था वो अपने भाई यानी की मेरे बॉस को बोल के काम के बहाने मुझे अपने घर पर बुला लेती थी!

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