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भाभी की चूत चाटने के विचार मेरे मन में घूम रहे थे

दोस्तों मेरा नाम हसमुख पारेख हे और मैं गुजरात से हूँ. लेकिन मैं पिछले चार साल से यहाँ डोम्बिवली में शिफ्ट हो गया हूँ अपनी फेमली के साथ. मैं एक होटल में जॉब करता हूँ केशियर की. और मेरा बॉस एक मराठी आदमी हे. उसकी मुंबई में ही अलग अलग जगह पर पांच होटल्स हे. और उसकी मदद करने के लिए अक्सर उसकी वाइफ यानी की मेरे बॉस की बीवी भी होटल्स पर आती हे. मेरे बोस का नाम यशवंत और उसकी वाइफ का नाम कामिनी हे. यशवंत को पैसा विरासत में मिला था और वो कम पढ़ा लिखा हे. उसे अकाउंट में ज्यादा खबर नहीं पड़ती हे. और उसकी वाइफ कामिनी ही हिसाब देखती हे. नोटबंदी के बाद यशवंत भी फडफडा गया था. वैसे हम लोग टेक्स रेग्युलर पे करते हे. लेकिन उसके कुछ दोस्तों ने उसे बताया की बहुत पोब्लेम होगा तो उसने डर की वजह से सब फिर से चेक करने के लिए कहा.

कामिनी का भी दिमाग खराब हो गया. क्यूंकि वही मेरे पास बैठ के सब चेक कर रही थी. करीब रात को ग्यारह बजे यशवंत चला गया. और उसने कामिनी को कहा, की चलो बाकि कल कर लेना.

मैं कुछ कहता उसके पहले ही कामिनी ने कहा, अरे अब होने को हे बस आधा घंटा और वेट कर लो.

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यशवंत ने कहा, तुम लोग ख़तम कर के मुझे फोन कर देना. मैं तुम्हे लेने चला आऊंगा. और बॉस अपनी वाइफ को मेरे पास ही छोड़ गया.

बॉस की वाइफ कोले के मेरे दिमाग में कभी कोई गलत इरादे नहीं थे. पर शायद मेरी  किस्मत में इस भाभी का भोस्ड़ा लिखा हुआ था. यशवंत के जाते ही भाभी ने कहा, अपनी आइटम को मिलने गया होगा वो बार पर!

मैंने कहा, क्या?

कामिनी बोली, हाँ वो एक बार गर्ल को रखेल बना के बैठा हे. रोज रात को लेट आता हे और उसी के पास सोया रहता हे दो तिन घंटे.

पहले तो मैं चुप सा रहा लेकिन फिर कहा, आप कुछ कहती नहीं हे बॉस को?

क्या कहूँ, कहता हे अब तुम्हारे अन्दर वो बात नहीं रही हे!

और इतना कह के वो रोने लगी. मैं खड़ा हुआ और उसके लिए पानी ले आया. पानी पिने के बाद वो फिर से रो पड़ी और बोली, आज डेढ़ साल हो गया हम दोनों अलग अलग बिस्तर में सोते हे!

मैंने उसके कंधे के ऊपर हाथ रखा और वो मेरे हाथ को पकड के रोने लगी. ऊपर से जहाँ मैं खड़ा था वहां से कामिनी भाभी के बूब्स की गली दिखर रही थी. बॉस की बात गलत थी क्यूंकि 30-35 साल की उम्र में भी कामिनी भाभी की जवानी के जोश में कुछ कमी नहीं आई थी. वो अभी भी टकाटक ही थी. मैं बूब्स में ही देख रहा था और कामिनी ने उपर देखा. वो समझ गई की मेरी नजर कहाँ पर थी!

मैं जैसे चोर पकड़ा गया था! लेकिन वो कुछ नहीं बोली और फिर से रोने लगी. मैंने कंधे को दबा के कहा, भाभी प्लीज रोयें नहीं. फेमली लाइफ में सब चलता रहता हे.

वो बोली, लेकिन अब ये मुझे देखते भी नहीं हे. आप ही कहो एक औरत को क्या मर्द की जरूरत नहीं होती हे!

ये बात सुनते ही मेरा लंड खड़ा हो गया. मेरे मन में कामिनी भाभी की चूत चाटने के विचार घूम रहे थे. मैंने कहा, वो तो हे भाभी.

मैंने कहा बॉस को समझना चाहिए, आप इतनी खूबसूरत हे फिर उसे बहार नजर करने की क्या जरूरत हे!

वो बोली, क्या मैं आप को खुबसूरत लगती हूँ?

मैंने कहा, हां आप हो खूबसूरत.

ये सुनते ही वो खड़ी हुई और उसने मुझे अपने गले से लगा लिया. उसकी कडक चुंचियां और नुकीली निपल्स मुझे चुभ रही थी. मैंने उसके बालों में हाथ फेरा और मेरे लंड की अकड भाभी के बुर पर दिखने लगी थी. अब मैंने धीरे से अपने हाथ से उसके कंधे को पकड के उसे दूर करना चाहा. लेकिन वो मुझे जकड़ के खड़ी रही. ये सब देख क मेरे लौंडे में अजब की ताकत आ गई थी. मैंने हाथ को कंधे से निचे कर के ब्लाउज पकड़ लिया. कामिनी भाभी ने सिसकी ली. मैंने बूब्स मसले पर वो कुछ भी नहीं बोली.

मेरी हिम्मत उसके कुछ न कहने से पल पल बढती जा रही थी. मैंने उसके ब्लाउज के बटन को खोला. वो अब आँखे झुकाए हुए मेरे सामने खड़ी थी. मैंने सब बटन खोले और उसने हाथ चौड़े कर दिए. मैंने अपने हाथ से ब्लाउज उतारा. अन्दर उसने गुलाबी रंग की ब्रा पहनी थी. और उसकी निपल्स का शेप एकदम सेक्सी था. मैंने पीछे हाथ कर के ब्रा के हुक को खोला. कामिनी भाभी की ब्रा निचे गिर पड़ी.

वो अब मेरी तरफ देख के बोली, अपने कपडे भी तो खोलो!

मैंने अपने हाथ से उसका हाथ पकड़ के लंड पर रख दिया और मैंने उसे कहा, आप ही निकालो इसे बाहर.

वो घुटनों पर बैठ गई. और मेरी पेंट के बटन को और ज़िप को उसने खोल दिया. और फिर अन्दर हाथ डाल के उसने लंड को बहार निकाला. मेरा लंड फुले हुए केले के जैसा हो गया था. कामिनी भाभी ने लंड को प्यार से हिला के कहा, बहुत दिनों से मैं ऐसे ही लंड की तलाश में थी!

और फिर मैं कुछ कहता उसके पहले ही उसने लंड को मुहं में दबा के चुसना चालू कर दिया. मेरी हालत तो कसम से बड़ी खराब हो गई थी. मैं जैसे पागल हो गया था. वैसे मेरी वाइफ मेरा लंड चुस्ती हे लेकिन इस ब्लोव्जोब में जो मजा था वो एकदम अलग ही था. वो लंड के निचे के बॉल्स को अपनी मुठी में दबा के ऐसे लोडा चूस रही थी जैसे सेक्स की मूर्ति सनी लियोने हो!

मैं आँखे बंध कर के आह भाभी अह्ह्ह्हह अह्ह्ह ऊऊऊ ऐईईई कर रहा था. और मुझे सिसकियाँ लेते हुए देख के जैसे उसके अन्दर की चुदास भी बढ़ सी गई. वो और भी जोर जोर से मेरा लंड सक करने लगी.

मैं नहीं झेल पाया इतने हॉट ब्लोव्जोब को. और मेरे लंड का रस कामिनी भाभी के मुहं में ही छुट पड़ा. भाभी ने एक एक बूंद को पी ली. और फिर वो अपने होंठो के ऊपर जबान फेरती हुई खड़ी हो गई.

मैंने कहा, अब मैं चाटूंगा!

वो बोली, हां क्यूँ नहीं.

और उसने अपने बाकी के कपडे खोल दिए. उसकी चूत गहरी रंग की थी और उसके ऊपर बहुत सब बाल थे. मैंने उसे वही एक टेबल पर लिटा दिया. औरफिर उसने अपनी दोनों टांगो को पूरा खोल दिया.  मैंने अपने हाथ की उंगलियों से चूत की झांट को थोडा साइड में कर दिया. अंदर मुझे चूत का गुलाबी होल दीखा. मैंने प्यार से एक चुम्मा चूत पर दे दिया. कामिनी भाभी सिहर उठी और वो आह बोल पड़ी. मैंने धीरे से अपनी जबान को चूत के अन्दर की और चाटने लगा. कामिनी भाभी मस्तियाँ उठी और उसने मेरे माथे को पकड़ के अपनी चूत पर दबा दिया. मैंने जबान पूरी अन्दर डाल दी और मैं चूत के दाने को मसलने लगा जबान से ही.

कामिनी भाभी एकदम मुड़ में आ गई और मुझे गालियाँ देने लगी आह चाट उसे भोसड़ी के साले क्या मस्त चूसता हे तू मेरी मुनिया को. चाट ले मेरे मम्मे और भोसड़े को और उसका सब कामरस बी पी ले.

भाभी की तारीफ़ की वजह से मेरे चूसने में अलग ही इंटेंसिटी आ गई. मैंने हाथ से चूत को खिलाना चालू कर दिया और जबान भी अपना काम कर रही थी.

एक मिनिट के अन्दर ही उसका रस निकल गया.. गाढ़ा कामरस झांट के ऊपर बड़ा कामुक लग रहा था.

मैंने भी भाभी की तरह एक एक बूंद को चाट के साफ़ की.

और फिर वो खड़ी हुई और बोली, चलो अब अन्दर डालो.

मैंने कहा, लंड को फिर से खड़ा करो.

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वो बोली ओके.

और वो घुटनों के ऊपर बैठ गई. अब की उसने लंड को चूसने के साथ साथ अपनी चुन्चियों के ऊपर भी घिसा. एक मिनीट से भी कम समय में फिर से लोडा कडक हो गया मेरा.

मैंने कामिनी भाभी की टाँगे पकड के उसको खोला और दोनों टांगो के बिच में बैठ गया. कामिनी भाभी ने अपने हाथ से लंड को सेट किया. और मैंने एक धक्के के अन्दर चूत में लोडा धकेल दिया. आह की आवाज आई और फिर स्लाईट फच का साउंड आया. मेरे बॉस की बीवी का भोसड़ा उतना भी टाईट नहीं था. लंड बिना मुश्किल से उसके अन्दर घुस गया. कामिनी सच में काम की देवी टी. उसके साथ मैं पुरे पौने घंटे तक लगा रहा. और मैंने उसे मिशनरी के साथ साथ डौगी, सीजर और काऊगर्ल पोज़ीशन में भी चोदा.

मेरे लंड के बिज को अपनी चूत में ले के उसने अपने पति यशवंत को बुला लिया. और वो कार ले के आया तब तक हमने फटाफट बाकी का हिसाब भी निपटा दिया!

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