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मैंने जिम के बगल वाली लड़की को अपने जिम में चोदा

sexkahani हेल्लो दोस्तों, मैं रिजवान खान आप सभी का स्वागत करता हूँ। मेरी उम्र 24, मैं गोंडा जिले का रहने वाला हूँ। मैंने देखने में बहुत ही स्मार्ट और बिलकुल फिट बॉडी का हूँ। मैंने यहाँ पर एक जिम खोल रखा है। मैं आप सभी को बता दूँ मैं बहुत ही चुदक्कड और रंगीन मिजाज का हूँ। मैंने अपनी जिन्दगी में बहुत सी लड़कियों को चोदा है। जब मैंने जिम शुरू नही किया था, तो मुझसे बहुत कम लड़कियां ही पटती थी, लेकिन जब मैंने जिम करना शुरू किया और कुछ ही महीनो बाद जब मेरी बॉडी दिखने लगी। उसके बाद में मेरी जिन्दगी ही बदल गई। जो लड़कियां कभी मुझे देखती भी नहीं थी वो भी मुझे लाइन देने लगी थी। बॉडी बनाने के बाद मैंने बहुत सी लडकियों को चोदा और कईयो को तो चोद चोद कर रुला भी लिया था। मैंने अपनी जिन्दगी में बहुत सी लडकियो को चोदा लेकिन जब मैंने अपने घर के बगल वाली लड़की को चोदा तो मुझे बहुत ही मज़ा आया और ऐसा लगा की हर बार ऐसी ही चूत मिले तो कितना अच्छा होता। लेकिन मुझे फिर उस तरह की चूत चोदने को नही मिला।
कुछ सालो बाद मैंने खुद के पैसे से शहर में एक जिम खोला। कुछ दिन तो मेरी जिम में कोई आया ही नही लेकिन फिर कुछ दोस्तों की मदत से लड़के आने लगे। मेरे जिम के ठीक बगल में एक बहुत ही सुन्दर और काफी हॉट लड़की रहती थी। बड़ी बड़ी आँखे, लाल लाल गाल, और पतले होठ जो की बहुत ही अच्छा लग रहा था। जब मैंने उसको पहली बार देखा तभी से मेरे मन में उसको चोदने की ख्वाहिश जगी लेकिन पहले कुछ दिन तो उसने मेरी तरफ देखा भी नहीं ऐसा लग रहा था कि जैसे उसका कोई बॉयफ्रेंड है जो मुझे देख ही नही रही थी।
उस लड़की का नाम रुपाली था और वो देखने में तो हॉट थी ही और उसकी चूचियां तो देखने से लग रहा था की किसी से छुआ तक नही है। जब कभी कभी वो थोडा टाईट कपडे पहनती थी तो उसकी चूचियां देखने में बहुत मज़ा आता था। मैंने अपने जिम के बहर कैमरा लगवाया हुआ था इसीलिए जब भी वो बाहर निकलती मैंने उसको देखा करता था।

एक दिन वो बाहर ही बैठी हुई थी और मैं अपने गाड़ी से जिम में आया पहले तो मैंने उस पर ध्यान नही दिया क्योकि वो मुझे देखती ही नही थी लेकिन कुछ देर बाद मेरी नजर उस पर पड़ी, वो मुझे ही देख रही थी और मेरे बॉडी को देख रही थी। मुझे लगा वैसे ही देख रही होगी। मैं उस दिन वहां से चला गया, जब मैं जिम के अंदर चला गया तो मैंने कैमरे में देखा वो भी चली गई। मुझे लगा शायद लगता है वो भी मुझसे चुदना चाहती है।
उस दिन के बाद मैं उसे खूब लाइन देने लगा और वो भी मुझे धीरे धीरे लाइन देने लगी। एक दिन मैंने उसको अपने जिम में बुला लिया और उसका हाथ पकड़ कर मैंने उससे कहा – “रुपाली मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ और मुझे ये भी पता है की तुम भी मुझे चाहती हो, और तुम कभी बोल पाती न इसलिए मैंने सोचा क्यों न मैं ही बोल दूँ”।
मेरी बात सुनकर पहले तो उसने अपने चहरे पर गुस्सा दिखाया मुझे लगा ये मुझसे पटने वाली नही है लेकिन अचानक से उसने मुझे गले लगा लिया और मुझसे कहा – “मैं तो बहुत दिन से कहना चाहती थी लेकिन मेरे मन में एक डर था तुमने मना कर दिया तो क्या होगा, इसीलिए मैंने तुम्हे अभी तक नही बोला था। जैसे ही उसने मुझे ये बात कही मैंने भी तुम्हे चाहती थी मैंने उसके गाल को चूमने लगा और साथ साथ उसके गले को भी चूमने लगा। मैंने रुपाली से कहा – यार अब तो पहला किस मैं तुम्हे कर ही सकता हूँ?? तो उसने मुझसे कहा – “कब से अपने अपने पहले किस का इंतजार कर रही और तुम मुझसे पूछ रहे हो की किस कर लूँ”।
मैंने तुरंत ही उसके होठो पर अपना होठ रख दिया और उसके होठो के मिठास को लेने के लिए मै उसके होठ को चूमने लगा और कुछ देर बाद मैंने उसके निचले होठो को अपने दांतों से खीच कर पीने लगा। बहुत मज़ा आ रहा था उसके होठ को पीने में।
कुछ देर बाद रुपाली भी मुझसे चिपक गई और वो भी बड़े जोश में मेरे होठो को काटने लगी और मुझसे और भी चिपकती जा रही थी। मैने उसके होठ को पीने के साथ साथ अपने हाथ को उसके टॉप के अंदर डाल दिया और उसकी नरम, चिकनी और मुलायम चूचियो को अपने हाथ में लेकर दबाने लगा। ऐसा लग रहा था जैसे कोई बहुत ही चिकनी और मुलायम गेंद है जो छोटे बच्चे खेलते है। बहुत मज़ा आ रहा था। धीरे धीरे मेरे अंदर की वासना भड़कने लगी और मैंने उसके होठो को जोर जोर से काटने लगा और उसकी चूचियो को अपने हाथो से मसलने लगा। जिससे वो भी सिसकने लगी। मेरा मन तो उसकी चोदने का था लेकिन जब मैंने उससे कहा – “यार मेरा मन और कुछ करने को कह रहा है” तो उसने मुझसे कहा – बस किस और यही बहुत है अभी। कुछ देर बाद वो वहां से चली गई फिर मैंने उस दिन मुठ मर कर काम चलाया।

उस दिन से सबके जाने के बाद वो चुपके से आ जाती थी और मैं उसकी चूचियो को खूब दबाता और और उसके होठ को मन भर कर पीता था। बहुत दिन तक ये काम चलता रहा। एक दिन मैंने रुपाली से कहा – “यार अब मुझ से रहा नही जा रहा मेरा मन तो कर रहा है की मैं तुम्हारे साथ और भी कुछ करूँ”। तो उसने मुझसे कहा – “मैं सेक्स नही करना चाहती हूँ मुझे बहुत डर लग रहा है अगर मैं प्रेग्नेंट हो गई तो बहुत बुरा होगा। मेरे घर वाले मुझ घर से निकाल देंगे”। मैंने उससे कहा – “चलो मैं तुम्हारे साथ सेक्स नही करूँगा लेकिन मैं तुम्हे बिना कपड़ो के देखना चाहता हूँ और तुम्हारे बदन को छूना चाहता हूँ”। तो उसने कहा – ठीक है लेकिन मैं सेक्स नही करुँगी।
अगले दिन जिम खाली होने के बाद वो आ गई, मैंने दरवाज़ा बंद कर दिया और फिर उसके किस करने लगा, पहले तो मैंने उसके गर्दन को चुमते हुए उसके होठो को पीने लगा, उसके होठो को पीते हुए मैंने उसके मम्मो को भी दबाना शुरू कर दिया। जब कुछ देर बाद हमारा जोश बढ़ने लगा तो मै और रुपाली एक दुसरे से चिपकने लगे और एक दुसरे के होठ को काटने लगे। लगभग 20 मिनटों तक मैंने रुपाली के होठ को पिया।
फिर उसके बाद मैंने उससे कहा – “अपने कपड़ो को निकालो मुझे देखन है, उसने मुझसे कहा – पहले उधर देखो फिर मैं निकलूंगी। मैंने अपना सिर दूसरी तरफ कर लिया। कुछ देर बाद जब मैंने उसकी तरफ देखा तो वो बिकनी में खड़ी हुई थी और उसका बदन संगमरमर की तरह चमक रहा था। मैंने तो उसे देखता ही रह गया। मैं उसके पास गया और पहले तो मैंने धीरे से अपने हाथ की उंगलियो को उसके पीठ पीठ पर धीरे से सहलाया और फिर उसके कमर को सहलाते हुए मैंने अपने हाथ को उसकी चूचियो के पास ले गया और फिर से सहलाते हुए पीठ की तरफ ले गया और ब्रा के हुक को निकाल दिया और ब्रा को धीरे से निकाल दिया। उसकी चूचियां को और भी गोरी थी और उसकी गोरी चूची पर हल्का काला और भूरा निप्पल तो बहुत ही गजब का लग रहा था। मैंने अपने उंगलियो से उसके निप्पल को कुछ देर गोल गोल किया और फिर मैंने उसको दबाते हुए पीना शुरू किया। कुछ देर तक उसके मम्मो को दबाने और पिने से रुपाली भी धीरे धीरे और जोश में आने लगी थी। और मेरे जोर जोर से चूचियो को पीते हुए कभी कभी जब मेरे दांत उसके मम्मो में लग जाते थे तो वो तड़प कर सिसकने लगती थी।
बहुत देर तक उसके मम्मो को पिने के बाद जब मैंने उसके कमर को सहलाते हुए, धीरे धीरे उसके चूत की तरफ बढ़ने लगा तो रुपाली तो और भी कामुक होन लगी थी। मैंने उसके कर को और उसके चिकनी जांघ को बार बार सहला रहा था ताकि रुपाली जोश में आके मुझसे चुदने के लिए तैयार हो जाये। बहुत देर तक उसकी चिकनी जांघ को सहलाने के बाद मैंने उसके पैंटी को भी निकाल दिया और फिर मैंने उसके चूत को चाटना शुरू कर दिया। मैंने अपने खुरदुरी जीभ से उसके चूत के गुलाबी दाने को बार बार चाट चाट रहा था और कभी कभी तो मैं अपने मुझको उसकी चूत में लगा कर जोर से अपने ओर खीच लेता जिससे वो मचल जाती और मेरे सिर को पकड लेती थी।

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कुछ देर बाद मैंने उसको जिम के एक बेंच पर लिटा दिया और फिर मैंने उसके चूत को चूमते हुए अपने एक उंगली को उसकी चूत अंदर डाल और फिर धीरे अपनी दो दो उंगलियो को डालने लगा और जिससे रुपाली जोर जोर से …आह आआह्ह्ह ….उफ्फ्फ्फ़ उफ़ उफ्फ्फ्फ़ …. मम्मी मम्मी…. माँ माँ …. आह्ह हा ….. करे चीखने लगी थी। कुछ देर बाद जब मैं बहुत तेजी से उसकी चूत में उंगली करने लगा तो कुछ ही देर में उसके चूत से पानी निकलने लगा।
जब उसके चूत से पानी निकल गया तो कुछ देर बाद रुपाली बड़े जोश में मुझसे कहा- मेरे अन्तावासना की आग जल उठी है क्या तुम मेरे इस आग को बुझाना चाहोगे?? मैंने कहा – क्यों नही मैं तो कब से तैयार हूँ इसमें पूछने वाली क्या बात है।

मैंने तुरंत ही अपने कपडे निकाल दी और फिर मैंने अपने लंड को निकाल कर रुपाली के चूचियो में लगते हुए उसकी चूत के पास पहुंचा। मैंने रुपाली को बेंच पर लेटे हुए ही उसके एक पैर को उठा दिया और फिर अपने लंड को उसकी चूत में धीरे धीरे से लागते हुए अंदर डाल दिया जब मेरा लंड उसकी चूत में पहली बार गया तो ऐसा लगा जैसे बिना जगह में मैंने अपना लंड डाल दिया हो इतना टाईट थी उसकी चूत। जब मेरे लंड उसकी चूत से बाहर आया तो उसकी चूत से खून की कुछ बुँदे भी थी। खून देख कर मुझे बहुत खुसी हुई क्योकि मैंने अपनी जिन्दगी की पहली सील तोड़ी थी। और फिर मैंने उसकी चुदाई करना शुरू किया, जैसे जैसे मैं उसकी चोदने लगा वो चीखने लगी क्योकि उसकी चूत काफी टाइट थी। मैंने उसको चोदते हुए उसके होठो को पीने लगा जिससे वो चीख नही प् रही थी केवल सिसक के रह जाती थी। कुछ देर बाद जब मेरा लंड तेजी से अंदर बहर जाने लगा तो मेरा लंड उसकी चूत की दीवार में रगडती हुई अंदर जाती जिससे रुपाली तो तडप जाती थी। जैसे समय बीत रहा था मैं और तेजी से उसकी चुदाई करने लगा जिससे वो जोर जोर से…. हा आआह्ह्ह्ह …. ह़ा ह्ह्ह्ह उम्म्म उम्म्… माँ म माँ…. मम्मी उई उई…. उनहू उनहू उनहू …. ओह ओह ओह्ह्ह्हह्ह ओह्ह्ह … आः आआअह्ह्ह्ह… उफ़ उफ़ उफ्फ्फफ्फ्फ़ उफ्फ्फ…. आराम से….. आःह आह्ह्हह्ह आराम से चोदो ….. अह्ह्ह अहह….. करके चीखने लगी। कुछ देर लगातार चुदाई करने के बाद मेरे लंड से मेरा वार्य निकने वाला था। मैंने अपने लंड को बाहर निकाल लिया और उसके ऊपर ही जोर जोर से मुठ मरने लगा। कुछ देर के बाद मेरे लंड से मेरा माल निकलने लगा और उसके पेट पर गिरने लगा।
चुदाई के बाद मैंने बहुत देर तक उसकी चूचियो को पिया और उसने मेरे लंड को बहुत देर तक चूसा। उसके बाद जब भी मुझे मौका मिलता था मैं उसको अपने जिम में बुला लेता था और फिर उसकी खूब चुदाई करता था।

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