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डायन के साथ सम्भोग का सुख मेरे लिए मुसीबत बना Part 2

desi kahani मैं पूरी तरह से नंगा था लंड को हाथ से फेटता हुआ उसके ऊपर चढ़ गया और उसके गर्दन को चूमते हुई उसका नाम पूछा, वो बोली अनामिका। उसका नाम किसी शहरी लड़की जैसा था लेकिन मुझे तो सिर्फ चुदाई से मतलब था। मैं उसकी साडी उतार कर साइड कर दिया उसके पेटीकोट का नाडा ढीला किया और धीरे से उतार फेंका, उसका गोरा बदन मेरे सामने नंगा था, मैं उसकी चूत की ओर बढ़ा। अनामिका की चूत पर एक भी बाल नहीं था मैंने उसके चूत को हाथ से छुआ उसकी चूत बहोत मुलायम और बिल्कुल कुवारी दिख रही थी। इतने खूबसूरत चूत को देख कर मेरी हालत प्यासे कुत्ते की तरह हो गयी। मैं उसकी चूत चाटने लगा। उसके चूत से मदहोश कर देने वाली भीनी खुसबू आ रही थी, मैं उसके चूत को जीभ से चोदने और चाट कर चूसने लगा। अनामिका अह्ह्ह अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह उम्म्म्म कर के मेरा सर चूत में दबाये जा रही थी। आप ये स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।

मैं उसके मुँह में अपना लंड दिया और वो किसी चुदक्कड़ की तरह मेरा लंड पूरा गले तक अंदर लेकर चूसने लगी, मेरे तन बदन में आग दौड़ उठी मैं उसके मुँह से लंड निकाल कर उसके ऊपर लेट गया। लंड को चूत पर रखा और एक जोर का झटका दिया मेरा लंड उसकी कोमल चूत को चीर कर अंदर चला गया। उसके मुँह से siiiiiiiiiiiiii ahhhhh उम्मम्मम्म की आवाज आयी लेकिन उसको देख कर ऐसा नहीं लगा जैसे उसकी छूट की सील टूटने से उसे दर्द हुआ हो। आप ये स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं मैं बहोत ज्यादा जोश में था, गच्चा गच उसके चूत में अपना लंड जोर जोर से अंदर बाहर कर चोदने लगा। चोदते हुए कभी उसके लिप्स चूसता कभी उसकी चूचियाँ मुँह में भर लेता। नीचे से अनामिका जोर जोर से धक्के लगा रही थी जैसे उसकी प्यास सालों पुरानी है। अनामिका मेरे पीठ पर अपने नाख़ून गड़ा कर मुझे कंधे पर काटने लगी। मेरा लंड उसकी चुत में की ट्रैन की स्पीड से अंदर बाहर हो रहा था। फच फच फच की आवाज से मजा आ रहा था। सुनसान जंगल में चुदाई का ऐसा आनंद कुछ और ही था।

थोड़ी देर ऐसे पागलों की तरह चुदाई से मेरा लंड झड़ गया और पूरा वीर्य उसकी चुत में छोड़ कर मैं सुस्त पड़ गया, अनामिका के बगल में लेट गया। अनामिका मेरे ऊपर चढ़ गयी और मुझे चाटने चूसने लगी। मेरा जोश ठंडा पड़ गया था लेकिन अनामिका को देख कर यही लग रहा था इसकी हवस पूरी नहीं हुई। अनामिका मुझे फिर से उत्तेजित करने की कोसिस कर रही थी, वो मेरा लंड मुँह में भर कर चूसने लगी। 5 मिनट में मेरा लंड खड़ा हुआ और वो मेरे ऊपर चढ़ गयी और अपनी चुत में लंड डाल कर उछल उछल कर चुदने लगी उसके बूब्स हवा में तैरने लगे मैं एक बार फिर चुदाई की चरम सीमा पर था। अनामिका ऐसे मुझे 20 मिनट तक चोद कर रुकी नहीं मेरा लंड एक बार फिर झड़ गया और ढीला हो कर उसकी चुत से निकल गया। अनामिका फिर भी नहीं रुकी वो उठ कर कड़ी हुई और मेरे मुँह पर बैठ कर अपनी चुत मेरे मुँह पर रगड़ने लगी। उसका चुत बिलकुल पहले जैसा था , चुत से वीर्य नहीं निकल रहा था मेरी समझ में नहीं आया मेरा वीर्य उसके चुत के अंदर था फिर गया कहा ?

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मैं उसकी चुत चाटने लगा 10 -12 मिनट की कोसिस के बाद मेरा लंड फिर खड़ा हुआ, अनामिका मुझे अपनी गोद में उठा कर मेरा लंड अपने चुत में डाल कर मुझे जोर जोर से उछालने लगी ये सब देख कर मैं दंग रह गया। एक औरत में इतनी ताकत कैसे? मैं चुदाई में इतना अँधा हुआ था की मैं सिर्फ चुत के मजे लेता गया और अनामिका मुझे चोद चोद कर मेरी हालत ख़राब कर चुकी थी। मेरा लंड 7 बार झड़ गया था लेकिन वो शांत ही नहीं हो रही थी। लगातार ऐसे चुदाई के बाद वो शांत हुई और मुझे अपनी बाँहों में जकड कर सो गयी। मेरा लंड पूरा छिल गया था चुदाई की मस्ती में कुछ पता ही नहीं चला लेकिन इतने चुदाई से मेरा जोश खत्म हो गया था। आप ये स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं। मेरे लंड में दर्द होने लगा पूरा लंड जल रहा था।मैं अब घर जाना चाहता था लेकिन उसकी खुसबू और खूबसूरती मुझे रोक रही थी। मैं वैसे लेटा रहा थोड़ी देर बाद मुझे प्यास लगी मैं धीरे से उठा और पानी पीने के लिए मटका देखने लगा। मुझे वहा कोई पानी का मटका नहीं मिला। मेरी नजर अचानक उस औरत अनामिका पर पड़ी उसके पैर उलटे थे, वो सीधा सोई थी लेकिन उसके पैर उलटे थे। मैं डर से कापने लगा और मेरा पेशाब छूट गया, मैं हवस में अँधा हो कर सिर्फ उसकी चुत गांड और चूचियां ही देख पाया था उसकी खूबसूरती की वजह से मेरा ध्यान नीचे उसके पैरों पर गया नहीं था।

मेरा दिल जोरो से धड़क रहा था, मैं कांपते हुए पैरों से बिना शोर किये दबे पाँव उस झोपड़ी से बाहर निकला और गिरता पड़ता हुआ 100 की स्पीड से नंगा भागा। भागते भागते मैं जंगल से बाहर निकल गया। अपने साइकिल देखने लगा, थोड़ी दूर मुझे मेरी साइकिल सड़क किनारे खड़ी दिखाई पड़ी। मैं भाग कर गया और साइकिल लेकर बिना कुछ सोचे फुल स्पीड से साइकिल चलाने लगा। मेरी साइकिल बहोत धीमी चल रही थी जैसे साइकिल पर बहोत ज्यादा वजन हो। मैं पीछे पलट कर देखा वही औरत नंगी खुले हुए बाल थे। मेरे साइकिल के पीछे बैठी हुई थी मैं साइकिल से कूद कर भागा और जंगल में भागता हुआ गड्ढे में गिर गया। मेरी आँख खुली मैं फिर से उसी झोपड़ी में था। वो औरत अनामिका मेरे सामने नंगी खड़ी थी और मुझे घूर कर देख रही थी। वो मेरे पास आकर बोली अरे बाबूजी कहा जा रहे थे आज की रात तुम्हे मेरी प्यास बुझानी है 100 सालों से मेरी चुत तड़प रही है इतनी जल्दी मेरी प्यास कैसे बुझेगी।

वो औरत एक डायन थी, मुझे दादा की सुनाई कहानी याद आ गयी डर से मेरी गांड फट चुकी थी। मैं वहाँ से हिल भी नहीं रहा था सायद उसने कोई जादू कर दिया था मेरे हाथ पैर अकड़ गए थे। वो मेरे पास आकर मुझे चाटने लगी मेरा लंड चूसने लगी लेकिन मेरा लंड खड़ा नहीं हो रहा था। वो डायन बहोत कोसिस की लेकिन मेरा लंड मेरे डर की वजह से खड़ा नहीं हुआ। मैं उसको बोला मुझे छोड़ दो मेरा लंड अब जवाब दे चूका है तुम किसी और से अपनी हवस मिटा लेना। वो जोर से हंसी और बोली कोई बात नहीं हवस मिटानी है वो मैं मिटाकर रहूंगी। तेरा लंड नहीं सही तेरी गांड तो है ना ? मैं उसकी बात सुन कर कुछ समझ सकता इससे पहले मेरी आँखे कुछ ऐसा देखी जो मैं कभी सोच भी नहीं सकता था। वो मेरे सामने नंगी खड़ी जोर जोर से हंस रही थी, मेरे देखते – देखते उसकी चूत का आकर बदलने लगा। उसकी चूत से मुझे कुछ निकलता हुआ दिखाई दिया, चुत से पानी जैसे धार निकल कर जमीन पर गिरा ढेर सारा पानी वो मेरे लंड का वीर्य था जिसे वो डायन अपने बुर में लेकर रोकी हुई थी। उसकी चुत धीरे धीरे बदलने लगी और उसका छोटा सा लंड निकल आया मेरी आँखों के सामने उसका लंड बढ़ कर किसी गधे की तरह 10 इंच का हो गया। उसका लम्बा मोटा लंड देख मेरी हवा निकल गयी मैं यही सोच रहा था आज ये मेरा आखरी रात है सायद कल की सुबह देखने नहीं मिलेगी। वो डायन अपना लंड हाथ में लेकर मेरे ओर बढ़ी मेरे ऊपर चढ़ कर मेरे दोनों पैर ऊपर कर मेरी गांड की छेद पर ऊपर से थूकने लगी उसका जीभ किसी सांप की तरह निकाला और बड़ा हो कर मेरे गांड की छेद में चला गया, उसका जीभ मेरी गांड की गहराई तक चला गया।

मेरा दर्द से बुरा हाल था वो जीभ बाहर निकाल कर लंड मेरी गांड में डाल एक झटके से पूरा अंदर पेल कर आगे पीछे करके चोदने लगी, मेरा दर्द से बुरा हाल था थोड़ी देर बाद मुझे मजा आने लगा। मैं किसी गांडू की तरह उसके लंड से चुदवाने लगा मेरा लंड खड़ा हो गया और वीर्य उगलने लगा वो मुझे 1 घंटे तक चुदती रही और जोर से अह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह उम्मम्मम की आवाज से रुक गयी। खड़ी होकर मेरे ऊपर अपना पूरा वीर्य गिरायी। उसके लंड से 1 लीटर से ज्याद वीर्य निकला मैं उस डायन के वीर्य से पूरा नाहा चूका था। आज मुझे चुदाई का सबसे बड़ा सुख मिला लेकिन मेरी गांड फट चुकी थी मैं एक गांडू बन गया था। अब मेरा डर ख़तम हो गया था मैं यही सोच लिया था जो होगा देखा जायेगा, वो मेरे ऊपर चढ़ गयी और मुझे दुलार करते हुए सुलाने लगी मुझे कब नींद आया पता नहीं चला। आप ये स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं। जब मेरी नींद खुली सुबह हो गयी थी। मैं जंगल में अकेला नंगा पड़ा था वह पर कोई झोपडी नहीं थी। मैं अपने कपडे खोजने लगा लेकिन कुछ नहीं मिला, मैं भागता हुई जंगल के अंदर देखने लगा थोड़ी दूर मुझे एक तालाब दिखा मैं तालाब में जा कर कूदा और खुद को साफ़ करने लगा। मैं नाहा कर बाहर निकला सामने एक बुड्ढा खड़ा था। वो मुझे नंगा देख कर बोला – अरे माधरचोद कपडे कहा है? भोसड़ी के तालाब से निकल तेरी माँ को चोदू। मैं तालब से बाहर निकला और बुड्ढे से बोला अरे ताऊ जी कल रात मेरे साथ कुछ हुआ जिसकी वजह से मेरा ये हाल है। मैं उसको सारी बात बताया वो और ज्यादा गुस्सा हो कर बोला – तेरी मैया को चोदू साले हवसी रात को जंगल में रंडी सोच कर उसकी चुत चोदने निकल पड़ा था क्या?

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आगे से ध्यान रखना ये जंगल है यह कुछ भी हो सकता है रात में बहोत सी बुरी ताकतें निकलती है। वो मुझे अपना गमछा उतार कर दिया और जंगल से बाहर जाने का रास्ता बताया मैं उनसे पूछा आप कहा रहते हो? वो चुपचाप चला गया और थोड़ी दूर जाकर गायब हो गया। मैं वहाँ से भागा बाहर आकर अपनी साइकिल ढूंढ कर घर निकल पड़ा। घर जाकर मैं सो गया और रात की घटना सोचने लगा। मेरे यही समझ में आया। वो डायन प्यासी थी जिसने मेरा शिकार किया और वो बूढ़ा कोई अच्छी आत्मा था जिसने मेरी जान बचा ली। अब मैं कभी रात को उस रस्ते से नहीं आता हूँ। मेरी जिंदगी बदल गयी लेकिन मैं किसी को ये बात आज तक नहीं बता पाया। मैं अब शहर आ गया हूँ। यहाँ एक राइस मील में काम करता हूँ। आज भी मेरी गांड में दर्द रहता है। दोस्तों कभी किसी डायन के चक्कर में मत पड़ना वो आप को अपनी खूबसूरत चुत देगी लेकिन जरुरत पड़ने पर आपकी गांड भी मार सकती है।

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