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जंगल में आदिमानव ने मुझे अपने घोड़े जैसे लंड से चोदा Part 2

xxx story में आप सभी का एक बार फिर से स्वागत है, आप यह स्टोरी indiansexkahani.net पर पढ़ रहे है। आदिमानव का लंड मेरे हाथ में था वो मुझे बड़े प्यार से देख रहा था। मैं नंगी उसके सामने उसका लंड पकड़ी हुई थी। मैं डर कर उसका लंड छोड़ कर पीछे हट गयी, वो हल्क जैसा आदिमानव मेरी नंगे सरीर को देख कर हां हो हूँ हआ बन्दर की तरह कुछ आवाज निकाल रहा था। मैं पीछे हट रही थी वो मुझे हाथ पकड़ कर अपनी तरफ खींच लिया और अपनी गोद में बैठा कर मुझे छूने लगा। उसका लंड पूरा खड़ा मेरी दोनों पैरो के बिच से निकला हुआ चूत को रगड़ रहा था। आदिमानव मेरे बूब्स को छूने लगा, मुझे खड़ा किया और मेरी गांड से लेकर चुत को छूकर देख रहा था। मेरी चुत को सूंघने लगा जैसे कुत्ते कुतीय की चुत सूंघते है। indiansexkahani.com

मेरी चुत पर उसका बड़ा सा हाथ था उसके एक हाथ में मेरी पूरी गांड समा जा रही थी, आदिमानव मेरी चुत को देखता और अपने लंड को देख कर हो हो हो हो हो की आवाज निकालता। मेरी समझ में आया इसने कभी चुदाई नहीं की होगी इसलिए इतने आश्चर्य से मेरी नंगी बॉडी को देख रहा है। मैं बैठ कर उसका मोटा लंड चूस कर उसको मेरी चुत चाटने का इशारा की। वो मेर चुत को चाटने लगा उसके मुँह में मेरी छोटी से चुत थी और उसका जीभ बड़ा और सख्त था मेरी चुत रगड़ रही थी मैं झड़ने लगी, मेरी छूट से पानी निकल गया। वो जंगली मेरी चुत को पूरा चाट कर पानी पी गया।

मैं उसको हाथ से इशारा कर के चुत में लंड डालने के लिए बोली। मैं घोड़ी बन गयी, वो मेरे पीछे बैठा था मैं उसका लंड पकड़ कर अपनी चुत में लगा कर उसको अंदर डालने और हिलाने का इशारा की, सायद वो ठीक से समझा नहीं लेकिन सेक्स ऐसे चीज़ है बिना दिमाग के जानवर भी मजे से करते है आपस में सेक्स। वो जंगली दोनों घुटने फैला कर मेरी चुत के ऊपर आ गया और अपना लंड मेरी चुत की छेद पर रख कर रगड़ने लगा, मैं डर रही थी लेकिन चुदवाने का सौख मुझे हिम्मत दे रहा था। आदिमानव ने जोर का झटका दिया और उसका लंड का ऊपरी हिस्सा मेरी चुत को चीर कर अंदर चला गया। उसका लंड मुश्किल से 1 इंच गया था मेरी चीख निकल गयी, वो रुक गया और मेरी तरफ देखने लगा मैं थोड़ी देर रुकी रही दर्द काम हुआ तो चुत को छूकर देखी। मेरी चुत से खून निकल रहा था मेरी आज इतने बड़े लंड की चुदाई से मेरी चूत का गुफा बन गया था।

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तभी अचानक वो जंगली मेरी चुत पर झटके से लंड अंदर डाल दिया उसक लंड 10 इंच से ज्यादा मेरी चुत में चला गया और वो पूरी गति से आगे पीछे करके मुझे चोदने लगा। मेरा दर्द से बुरा हाल था चुत से हल्का खून निकल रहा था। 5 मिनट वो ऐसे जोर जोर से चोदता रहा मैं चीखती हुई दर्द सहन कर रही थी। थोड़ी देर से मेरी चुत पूरी खुल गयी और गीली चुत में उसका लम्बा मोटा घोड़े जैसा लंड गप गप अंदर बाहर हो रहा था। indiansexkahani.com

मैं उसको रुकने का इशारा की लेकिन वो रुक नहीं रहा था 20-25 मिनट मुझे चोदने के बाद बहुत जोर से अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ओह ओह हो हो होऊ की आवाज निकाल कर रुक गया। मेरी छूट में मुझे गरमा गरम लावा जैसा वीर्य पता चला। वो एक झटके से पीछे हटा और उसका लंड मेरी चुत से फच की आवाज से साथ बाहर निकलते ही मेरी चुत से ढेर सारा वीर्य निकल कर जमीन पर गिरा। उसका वीर्य 2 -3 कप से भी ज्यादा था।

मेरी चुत 5 बार झड़ गयी थी, मैं वही गुफा की दीवार से टिक कर बैठ गयी और अपनी चुत को देखने लगी। मेरी चूत के चारो ओर उसका वीर्य और खून लगा हुआ था। मेरी चुत का छेद बड़ा हो गया था अंदर का पूरा समान दिख रहा था। मेरी चुत की छेद का हाल ऐसा था. किसी का एक हाथ मेरी चुत के अंदर पूरा चला जाता। मैं वही नंगी सो गयी, मेरी सुबह नींद खुली वो जंगली मुझे घांस से बनी बिस्तर पर सुला दिया था। मैं उठ कर बाहर जाने लगी लेकिन मेरी चुत का बुरा हाल था दर्द की वजह से चलना मुश्किल था, गुफा का पत्थर नहीं था। मैं धीरे धीरे चलती हुई बाहर झाड़ियों में जाकर सुसु और पॉटी कर के भागना चाहती थी लेकिन बिना कपडे नहीं जा सकती थी।
मैं अपने कपडे लेने वापस गयी,, आदिमानव आ गया था। मुझे देख कर खुस हो गया और गोद में उठा कर अंदर ले गया। वो मेरे लिए खाने के लिए केले लाया था वो भी जंगली केले। मैं अपने कपडे पहन कर वापस सो गयी। मेरी चुत में दर्द था और हल्का बुखार भी लग रहा था।

मेरी नींद खुली उस समय वो जंगली गुफा में नहीं था, मैं उठ कर बाहर गयी अँधेरा होने वाला था, मेरी चुत का दर्द कम हो गया था और बुखार भी नहीं था। मैं चुत के पूरी तरह से ठीक हुए बिना आदिमानव का लंड अंदर नहीं ले सकती थी, कल रात का मजा आज मेरी चुत की बुरी हालत किया हुआ था। मैं वहाँ से निकल कर भागी। बहोत देर भागते हुए मेरी समझ में नहीं आ रहा था कहा जाना है। indiansexkahani.com
1 घंटे से ज्याद हो गए थे पूरा अँधेरा था मुझे दूर रोशनी दिखाई दी मैं भाग कर उस ओर गयी। मैं जैसे पास पहुंची वही आदिमानव था। वो मुझे गोद में उठाकर तेजी से भागता हुआ गुफा में ले गया।

मैं एक कोने में सो गयी, सुबह नींद खुली वो जंगली मेरे सामने ही बैठा था। मैं उसको मुझे छोड़ देने का इशारा करते हुए बोली। मुझे पता नहीं था वो मेरी बात समझ रहा है या नहीं ? वो मुझे गोद में उठा कर जंगल में भागता हुआ एक जगह आकर रुक गया। ये वही जगह थी जहाँ मैं गिर गयी थी वो मुझे ऊपर की और इशारा किया, मैं समझ गयी वो मुझे जाने के लिए बोल रहा है। मैं जल्दी से ऊपर भाग कर चढ़ गयी। बारिश रुक गयी थी पूरा सड़क सुख चूका था। मेरी कार वही खड़ी थी मैं जल्दी से भाग कर कार में गयी और मम्मी पापा के घर पहुँच गयी।

मम्मी पापा मुझे देख कर बोले 2 दिन लेट आयी है कहा थी ? तेरा मोबाइल भी नहीं लग रहा था।
पापा ने बताया जिस रोड से मैं आयी हूँ वो 2 दिन से बंद पड़ा है रास्ते में बड़ा पत्थर गिर जाने से गाड़ियां आना जाना बंद है, मेरी समझ में आ गया 2 दिन बाद भी मेरी गाड़ी बिना लॉक किये हुए वहाँ पर कैसे थी। मैं पुरे 8 दिन मम्मी पापा के साथ थी, वापस जाने तक सड़क ठीक हो गयी थी। मुझे आज भी वो जगह याद है लेकिन मेरी बात का भरोसा कोई नहीं करेगा। indiansexkahani.com

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जब मैं वापस जा रही थी मेरा मन हुआ उस जंगली से मिलु और खूब चुदवा लूँ लेकिन मेरी हिम्मत नहीं हुई उस घने जंगल मे जाने की। मैं अपने घर आ गयी 2 महीने बीत जाने के बाद मैं बेचैन रहने लगी, मेरी चुत जो गुफा बन गयी थी किसी के लंड से मेरी प्यास नहीं बुझ रही थी मुझे वही मोटा लम्बा आदिमानव का लंड चाहिए था। लेकिन अब वो मिलना नामुमकिन था।

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