Home / Naukar - Naukrani / कामवाली की झांट बना के चोदा

कामवाली की झांट बना के चोदा

हेल्लो दोस्तों, मेरा नाम विनय हैं और मैं बंगाल ससे हूँ. मैं अभी २१ साल का हूँ और बी ए थर्ड इयर में स्टडी कर रहा हूँ. मेरी हाईट ५ फिट ४ इंच है और मेरा लोडा ६ इंच का हैं. मैं दिखने में ठीक ठीक हूँ हु और वैसे गोरा हु रंग में. देसी पोर्न स्टोरी डॉट कॉम  अब में आता हु मेरी लाइफ के सेक्स अनुभव पर जो मैं आप लोगो के साथ शेयर करना चाहता हूँ. ये उन दिनों की बात हैं जब मैं १२वी कक्षा में था. तब हमारे घर में एक कामवाली काम करती थी जिसका नाम अनीता था. (वैसे मैंने ये नाम बदला हुआ हे.)..

वो दिखने में ज्यादा अच्छी नहीं थी, काली थी और उसका नाम भी नोर्मल से थोडा लॉन्ग था. और नक्षे में वो एवरेज थी. मैं उन दिनों में टीवी के ऊपर गंदे सिन और मुविस देखता था. और जब रोमांटिक गाना देखता था तो बोलीवुड की हिरोइन्स को देख के ही लंड खड़ा हो जाता था मेरा. अनीता जब कमरे में काम करती थी तो मैं उसकी बड़ी गांड को देख के आहें भरता था. मन तो करता था के पीछे से पकड़ के साड़ी उठा के अंदर अपना केला डाल के चोद डालूं!

loading...

एक दिन मन टीवी देख रहा था और वो काम कर रही थी मेरे घर पे. उस वक्त टीवी में कुछ हॉट सिन चल रहा था तब मेरा ६ इंच लम्बा लंड खड़ा हो गया और मुझे ये बात पता ही नहीं चली. और अनीता आंटी घर में झाड़ू लगा रही थी और वो मेरे पास आ गई वो भी मुझे पता ही नहीं चला. उसने मेरे लंड को देखा और बोली, अरे बाबा ये क्या कर रहे हो? मैंने फट से अपना हाथ पेंट के ऊपर से ले लिया और चौंक पड़ा! मैं शर्मा गया और डर के मारे उसको कहा, कुछ नहीं ,कुछ भी नहीं! और मैं वहाँ से चला गया.

फिर थोड़ी देर में जब मैं किचन की तरफ जा रहा था तब वो सामने आ गई. और मुझे लगा की वो जानबूझ के मेरे बदन से टकरा गई. उसके चुंचे मेरी चेस्ट से लड़ गए और प्रेस हो गए. वो मेरे सामने देख के स्माइल दे के चली गई. और वो अपने काम में लग गई. अब वो साली चांस लेने लगी थी. जब वो मेरे कमरे में काम करती थी अक्सर अपना गिरा हुआ पल्लू ऊपर नहीं लेती थी. मेरी नजर उसके चुन्चो पर पड़ती थी तो लंड में बवाल मच जाता था. मैं अब अनीता आंटी के नाम की मुठ मारने लगा था. साला वो खुल्ला चांस दे रही थी लेकिन मैं अब तक डरा हुआ था जैसे. मुठ मारते वक्त तो मैं उसे हरेक एंगल और पोस में लेता था, लेकिन सिर्फ ख्यालों में!

फिर मैंने सोचा की अब तो इस कामवाली की बुर लेनी ही पड़ेगी वरना सब स्पर्म गटर में चले जायेंगे. एक दिन मैंने उसके आने से पहले जानबूझ के हॉट सिन लगा लिया अपने लेपटोप पर और देखने लगा. मैंने लंड पर भी हाथ घिस के उसे कडक कर लिया. वो आई तो उसने मेरे लंड की तरफ देखा और मैंने उसे देखा!

वो चुपचाप थी. मैं उसके सामने बैठा था और मैंने उसे कहा, मेरा लंड ऐसे सिन देख के खड़ा हो जाता हैं ये क्यूँ होता हैं आप को पता हैं?

ये सुनकर उसने स्माइल दी और बोली, मैं तुमको ये नहीं बता पाउंगी! और वो वहाँ से चली गई.

कुछ दिन बीत गए, ऐसे ही चलता रहा.

एक दिन मैं अपने ट्यूशन से घर आया. मम्मी मौसी के साथ मार्केट गई थी और अनीता को घर का काम सौंप के गई हुई थी. आज चांस बड़ा मस्त था इस कामवाली आंटी को पेलने का!

मैं फ्रेश हो के टीवी ओन कर के बैठ गया और वो आके बोली, आप कुछ खाओगे? मैंने कहा, रोटी खाने का मन हो रहा हैं. वो बोली, रुको मैं अभी बना के लाती हूँ. और फिर वो बोली, तुम मुझे क्या मदद कर दोगे थोड़ी? मुझे सुबह से हाथ में दर्द हो रहा हैं.

मैंने कहा, क्यूँ नहीं चलो मैं मदद कर देता हूँ. उसने कहा की आटे का डब्बा निकाल दो और वो अपने हाथ में बर्तन ले के खड़ी हुई थी. मैं उसमें आटा रख रहा था और अचानक मेरा हाथ कमर से लग गया उसके. और कुछ आटा उसके पैर में और पेट पर लग गया और बोल उठी की ये क्या किया, चलो साफ़ कर दो ना!

ये सुनकर मैं आसमान से टकराया और फटाफट कमर में हाथ रख के उसे साफ़ करने लगा. वो स्माइल दे के बोली, आगे भी साफ़ कर दो ना पेट पर. मैंने उसकी तरफ देखा, वो स्माइल दे रही थी और अपने होंठो को दांतों से दबा रही थी. मेरा लंड कडक हो गया. मैंने उसकी नाभि के पास के हिस्से को टच किया. हाथ टच होते ही वो सिसकिया उठी! मैं धीरे से नाभि को टच किया और उसके अन्दर से आटे को बहार किया. मैंने उसकी तरफ देखा तो वो आँखे बंध कर के खड़ी हुई थी.

मैं ये सब देख के उत्तेजित हो गया था. वो सामने से लंड लेने के मूड में थी. मैंने नाभि के निचे हाथ किया तो वो सिहर उठी और उसके बदन में जैसे करंट दौड़ गया. मैंने धीरे से एक हाथ से उसकी गांड को टच किया. कामवाली अनिता की गांड एकदम चिकनी थी और मेरा हाथ जैसे फिसल सा गया. उसने आँखों को खोला और बोली, क्या कर रहे हो?

मैंने कहा, वही जो बहुत दिनों से करना था.

वो बोली, कोई आ गया तो?

मैंने कहा, चलो मेरे कमरे में.

वो मान गई और मैं रस्ते में उसके बूब्स दबाते हुए उसे कमरे में ले गया. सीधे ही बेड में गिर पड़ी वो. मैं उसके ऊपर आ गया और उसके बूब्स को दबाने लगा. फिर उसने मेरा लंड अपने हाथ में पकड़ के कहा, १८ साल में तो काफी बड़ा कर लिया हैं तुमने!

मैंने कहा, बोलो मत आज इस लंड को कमाल देखो सिर्फ!

फिर मैंने उसे जल्दी से पूरा न्यूड कर दिया. उसकी देसी चूत झांट की दूकान थी. सब तरफ बाल ही बाल थे. मैंने भी अपने कपडे खोले और उसकी छाती के ऊपर आ बैठा. फिर मैंने अपने लंड को उसके होंठो के पास रखा तो वो समझ गई की मैं क्या चाहता था. उसने मुहं खोला और लंड को चूसने लगी. २-३ मिनिट ही उसने लंड चूसा था की मुझे लगा की पानी छुट जाएगा. मैंने लंड को मुहं से निकाल लिया. अनीता ने अपनी चुन्चियो को दोनों तरफ से दबा के कहा, यहाँ पर घिसो न इसे.

मैंने अपने लौड़े को कामवाली के बूब्स के ऊपर घिसा. जब मेरा लंड निपल्स पर घिसता था तो वो आयी ऐईईई उईईइ म्माआआआअ हाईईई कर उठती थी. २ मिनिट के बूब्स टच से ही लंड निढाल हो गया और उसके बूब्स पर मैंने माल छोड़ दिया. मेरा फर्स्ट टाइम था इसलिए जल्दी ही छुट गया. देसी पोर्न स्टोरी डॉट कॉम

एक मिनिट के लिए मुझे लगा की हो गया हैं अब कुछ नहीं करना. वीर्य निकलने के बाद जो फिलिंग होती हैं वो आ गई. लेकिन आज मौका सही था, मेरे दिमाग ने मुझे कहा के ले ले इस रंडी की चूत को!

मैंने अनीता से कहा, चलो बाथरूम में मैं तुम्हारी झांट बना देता हु.

वो बोली, सच में?

मैंने कहा, हां और मैं फिर तुम्हारी क्लीन शेव्ड चूत को चोदुंगा.

हम दोनों न्यूड ही बाथरूम में घुसे. मैंने जिलेट के रेजर से उसका भोसड़ा शेव किया और गांड के छेद पर से भी बाल निकाले. उसने भी मेरे लंड के ऊपर से हलके हलके बालों को साफ़ कर दिया. फिर मैंने अनीता के बुर पर साबुन लगा दिया और उसमे ऊँगली डाल दी. वो सिहर उठी और मुझे मिन्नते करने लगी की जल्दी से अपना लंड दे दो मुझे! देसी पोर्न स्टोरी डॉट कॉम

मैंने कहा, इतनी जल्दी नहीं मेरी रंडी, पहले मेरे लंड को चूस के खड़ा कर दो.

अनीता चुदने के लिए मरी जा रही थी. उसने मेरा लंड मुहं में ले लिया और चूसने लगी. लंड को एक ही मिनिट में टाईट कर उसने कहा अब तो चोदो मुझे.

मैंने अपने लंड के सुपाड़े पर साबुन का झाग लगाया और उसकी टाँगे बाथरूम के फर्श पर लिटा के खोल दी. उसकी बुर का छेद काला था और अन्दर की लाल चमड़ी दिख रही थी. मैंने साबुन लगा हुआ लोडा चूत में पेल के अनीता को चोदना चालू कर दिया. अनीता ने मुझे गले से लगा लिया और चुदवाने लगी.

१० मिनिट की मस्त चुदाई के बाद मैंने अपना पानी अनीता के बुर में ही छोड़ दिया. वो खुश थी और बोली, आप का तो बड़े साहब से भी मस्त हैं.

loading...

मैंने कहा, तू पापा का भी लेती हैं साली रंडी!

वो बोली, हां और आप की मम्मी को भी ये पता हैं!

अब मैं समझा की क्यूँ मोम अनीता घर में हो तो अक्सर मेरा कमरा देखने के लिए आती थी. शायद उसे पता था की ये कामवाली आंटी मेरा भी ले लेगी!

Sex Story, hindi sex kahani, desi Sex kahani, hindi sex story, hindi sex stories, hindi xxx story, sex kahani, sexy story, indian sex stories, indian sex story, Sex story, hindi sex, desi sex stories, xxx stories, desi sex story, Hindi sex, stories, story, hindi, indian, Sex Story, hindi sex kahani, desi Sex kahani, hindi sex story, hindi xxx story, sex kahani, sexy story, indian sex stories, indian sex story, Sex story, hindi sex, desi sex stories, xxx stories, Hindi sex, stories, story, indian, new sex indian story